पिंडरघाटी में भालू और गुलदार का आतंक

Chamoli Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
कर्णप्रयाग। पिंडरघाटी में लगातार भालू और गुलदार के बढ़ते हमलों के कारण लोगों को दोतरफा नुकसान झेलना पड़ रहा है। जंगल से लगे गांवों से लेकर बाजार में भालू की धमक जहां लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। गुलदार गौशालाओं को तोड़कर मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। पिछले दो माह में दर्जनभर से अधिक क्षेत्रीय लोगों को भालू ने हमला कर घायल कर दिया है।
क्षेत्रीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से क्षेत्र से जंगली जानवरों को भगाने की मांग की है। थराली मुख्य बाजार से लेकर नैल, ढालू, मेन, केरा, चेपड्यूं सहित दर्जनभर गांवों में पिछले दो माह में भालू की धमक बढ़ी है। प्रत्येक सप्ताह कोई न कोई भालू के हमले में घायल हो रहा है। सीएचसी थराली के चिकित्साधीक्षक डा. प्रताप सिंह के अनुसार पिछले दो माह में भालू के हमले से घायल 10 केस उनके पास आए हैं, जिनमें कुछ की स्थिति बहुत दयनीय थी। यही नहीं गांवों में गुलदार से भी लोग भयभीत हैं। गुलदार मवेशियों को निवाला बना रहा है। वन पंचायत सरपंच महिपाल सिंह रावत ने वन विभाग से क्षेत्र में बढ़ते वन्य जीवों के हमलों को रोकने के लिए ठोस प्रयास किए जाने की मांग की है।

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