घुघती घुरुण लगी मेरा मैत की, बौड़ी-बौड़ी ऐगी..

Chamoli Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
गौचर। 63वें औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला की अंतिम सांस्कृतिक संध्या गढ़ लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी और उनकी टीम के नाम रही। इस मौके पर श्रीनंदा राजजात पर आधारित झांकी ‘नाच नाच चंद्रावती’ मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।
सोमवार को मेले की छठवीं और अंतिम सांस्कृतिक संध्या में गढ़-कुमाऊंनी और हिंदी गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक जमकर थिरके। गणेश खुकशाल (गणि) के संचालन में नरेंद्र सिंह नेगी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मां नंदा की स्तुति से हुआ। इसके बाद नेगी ने ‘घुघती घुरुण लगी मेरा मैत की, मंगतू बेटा उड़ी जा बथौं मां, मजा करले तिमला पतौं मां, लस्का-डस्का मां चली मेरी फौंदी धौपली, भलु लगद भनुली तेरु मठु-मठु हिटण हे..’ गीतों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर बेटे कविलाश नेगी के साथ मेरे को पाड़ी-पाड़ी मत बोलो, मैं देहरादून वाला हूं.. गीत की प्रस्तुति पर पंडाल में मौजूद श्रोता जमकर थिरके। सांस्कृतिक संध्या में अनिल बिष्ट ने ‘ऐ जा हे भानुमति पाबो बाजार’ सहित अन्य गीत भी गाए।
इससे पूर्व गढ़ गाथा सांस्कृतिक कला मंच गौचर ने गढ़ वंदना गंगा मां से अपने कार्यक्रमों की शुरूआत की। मंच के गायक सुशील राज ने कई हिंदी गीत भी गाए। वहीं संदेश कला मंच कुलसारी के कलाकारों ने भी गढ़-कुमाऊंनी संस्कृति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को खूब आनंदित किया।

थोड़ी मीठी, थोड़ी नमकीन कविताओं ने बांधा समां
गौचर। सोमवार की शाम आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने थोड़ी नमकीन तो थोड़ी मीठी कविताओं का खूब चटकारे लेकर आनंद उठाया। इस दौरान कवियों ने मौसम बदलाव से लेकर राजनीतिक उठापटक और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर अपनी कविताओं से खूब व्यंग्य कसे।
लोक कवि बल्ली सिंह चीमा की अध्यक्षता और ओम प्रकाश सेमवाल के संचालन में मेला मंच में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणेश खुकशाल ने ‘वल्या छाला बटि, पल्या छाला तक, गंगा वार बटि, गंगा पार तक..’ ने प्रकृति की अनमोल सुंदरता को बयां किया। नीरज नैथानी की कविता ‘हां लिखूंगा, बेशक लिखूंगा, बदस्तूर लिखूंगा, बदस्तूर, बेइंतहा, बेहिसाब लिखूंगा, मैं हूं सिपाही कलम का, रोज इनक्लाब लिखूंगा..’ ने खूब वाहवाही लूटी। जयकृष्ण पैन्युली ने बाजार भी फरेबी चेहरा हो गया है, मछलियों पर भी सियासत का पहरा हो गया है। चीमा की कविता ‘बड़े पर्वत पे पानी से भरा एक थाल रखा है’ पर भी खूब तालियां बंजीं। जगदम्बा चमोली, सुनील कुमार राज, मुरली दीवान, ओपी सेमवाल की कविताओं को भी खूब सराहा गया। इस मौके पर नंदन रावत, राधा मैंदुली, सतीश बलोदी, लक्ष्मी प्रसाद मालगुड़ी आदि मौजूद थे।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए हुए बंद

बद्रीनाथ में बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए बंद हो गए। यहां हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाके में भी देखने को मिला। इस बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है।

19 नवंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper