सब्बी धाणी देहरादूण...का अब औचित्य नहीं

Chamoli Updated Mon, 05 Nov 2012 12:00 PM IST
कर्णप्रयाग। ‘सब्बी धाणी देहरादूण, हूणी खाणी देहरादूण’ पहाड़ की उपेक्षा पर नेगी दा का यह तंज खासा लोकप्रिय हुआ है। मगर गैरसैंण कैबिनेट के बाद नेगी दा मानते हैं कि इस गाने का अब कोई बहुत मतलब नहीं रह गया है, क्योंकि सरकार खुद गैरसैण पहुंच गई है। नेगी दा का यह बदला हुआ रुख कांग्रेस के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। तिवारी सरकार के दौरान कांग्रेस के साथ नेगी दा का छत्तीस का आंकड़ा बन गया था। गैरसैंण में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले नेगी दा का कहना है कि सरकार का गैरसैंण पहुंचना यह दर्शाता है कि उसके मन में गैरसैंण के लिए कुछ न कुछ है। यह एक स्वर्णिम पहल है, जिससे पहाड़ के विकास को नया आयाम मिल सकता है। उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण हो यह हमारा सपना है।
गैरसैंण कैबिनेट से लौटते वक्त ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में प्रख्यात लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के चेहरे पर संतुष्टि के भाव दिखे। बकौल-नेगी दा- उत्तराखंड की समूची सरकार का गैरसैंण पहुंचना, गैरसैंण की भावनाओं का आदर है। सरकार के नुमाइंदों के मन में गैरसैंण के लिए भावनाएं हैं, जो उन्हें यहां खींच लाई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इस शुरूआत का सभी को स्वागत करना चाहिए। नेगी के अनुसार, हम तो चाहते ही हैं कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण हो। ऐसे में वर्तमान में जो मिल रहा है, उसे भी दिल से स्वीकार करते हुए उसका स्वागत करना चाहिए। विपक्षी दल इसे ड्रामा कह रहे हैं। इस मामले में जो भी होगा उसने 14 जनवरी के बाद स्पष्ट हो जाना है। आप, हम सबने के सामने होना है। ऐसे में इस समय एकमत होकर साथ देना वाजिब रहेगा।

सरकारों की कार्यशैली पर नेगी के प्रमुख गीत-
- सभी धाणी देहरादूण, हूणी खाणी देहरादूण
- उत्तराखंडी मुरारी रे, नौछमी नारैंण
- हाथ न पिलाई ह्वेस्की, फूल न पिलाई रम।
- अब कथगा जी खैल्यो

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए हुए बंद

बद्रीनाथ में बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए बंद हो गए। यहां हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाके में भी देखने को मिला। इस बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है।

19 नवंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper