आमजन ने सराहा तो विपक्ष ने बताया स्टंट

Chamoli Updated Sun, 04 Nov 2012 12:00 PM IST
गैरसैंण। तीन नवंबर हो हुई गैरसैंण कैबिनेट का जहां आम आदमी ने स्वागत किया है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे स्टंट मात्र बताया है।
शनिवार का दिन गैरसैंण के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। पहाड़ी राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में पहली बार हुई बहुगुणा सरकार की कैबिनेट का लोगों ने दिख खोलकर स्वागत किया है। आम जनमानस ने इसे एक अवसर के रुप में स्वीकार करते हुए विकास की उम्मीदों के भी सफल होने की उम्मीद जताई है। धारगैड़ निवासी बलवंत सिंह ने शनिवार को हुई कैबिनेट को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने बताया कि पूरी सरकार पहली बार गैरसैंण पहुंची है, ऐसे में घोषणाओं से ज्यादा यह मायने रखता हैं कि उन्होंने यहां की वास्तविकता को अपनी आंखों से देखा है। वहीं द्वारहाट से पहुंचे महेश मेहरा का कहना था कि गढ़-कुमाऊं की मध्यस्थली गैरसैंण में कैबिनेट विकास के नए द्वार खोलेगी। गैरसैंण ब्लाक की कांडई गांव निवासी तारा देवी का कहना था कि गैरसैंण घोषणाओं के बोझ और छलावों से अब डरा-सहमा है, लेकिन मुख्यमंत्री बहुगुणा ने जो कैबिनेट बैठक कराई है, उसने आम आदमी के उस दर्द को काफी हद तक दूर कर दिया है। दूसरी तरफ भाजपा के प्रवक्ता सतीश लखेड़ा, टीका प्रसाद मैखुरी, रामचंद्र गौड़, विजय चमोला ने कांग्रेस सरकार की गैरसैंण में हुई कैबिनेट को स्टंट मात्र बताया। कहा कि पांच करोड़ खर्च कर जनता की भावनाओं को छलते हुए बेबुनियादी घोषणाएं की गई है। कहा कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों की घोषणा पर अमल नहीं किया है। वहीं भाकपा माले के उत्तराखंड प्रभारी राजा बहुगुणा ने कहा कि स्थायी राजधानी घोषित न कर सरकार ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है।


इन संगठनों ने भी दिया ज्ञापन-
एससी/एसटी फेडरेशन, उत्तराखंड जनमंच, गुरिल्ला संगठन, पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन, योग प्रशिक्षित संगठन, प्रमुख संगठन सहित बीएड़/बीपीएड़ प्रशिक्षितों ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर उनके निराकरण की मांग की है।

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