सुंदरीकरण की बाट जोह रहे हैं देवी मंदिर

Chamoli Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
कर्णप्रयाग। जिला प्रशासन ने डेढ़ वर्ष पहले क्षेत्र के तीन देवी मंदिरों के सुंदरीकरण एवं उन्हें पर्यटन से जोड़ने के आश्वासन दिया था। बावजूद इसके इस दिशा में अब तक कोई काम नहीं हो पाया है।
सिमली चंडिका मंदिर, तोप स्थित गौरजा एवं मज्याड़ी के भवानी मंदिर में प्राचीन काल से चली आ रही पशुबलि को प्रशासन ने पिछले वर्ष 12 जनवरी को बंद करवा दिया था। प्रशासन ने ग्रामीणों से प्राचीन देवी मंदिरों के सुंदरीकरण एवं इन्हें पर्यटन से जोड़ने की बात भी कही थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। मां चंडिका मंदिर समिति अध्यक्ष एनएस नेगी ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन पर देवी मंदिरों में पशु बलि बंद कर दी गई थी। प्रशासन ने मंदिरों का सुंदरीकरण करने औरउन्हें पर्यटन से जोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन डेढ़ साल बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई। तहसीलदार सीएस चौहान का कहना है कि प्रशासन की ओर से मंदिरों के सुंदरीकरण एवं उन्हें पर्यटन से जोड़ने के लिए पर्यटन विभाग को भी लिखा गया है। विभाग की ओर से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में जानकारी नहीं है। जिला पर्यटन अधिकारी एसएस राणा ने कहा कि मंदिरों के सुंदरीकरण के लिए शासन को उसी दौरान प्रस्ताव भेज दिया था, लेकिन अब वर्तमान में मंदिरों के सुंदरीकरण का कार्य पर्यटन विभाग के पास नहीं है।

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