सिलेंडर चार सौ का, सत्यापन एक हजार का

Chamoli Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
कर्णप्रयाग। देवाल विकासखंड के दूरस्थ गांव लिंगड़ी के एमएस भंडारी 21 सितंबर को रसोई गैस सत्यापन के लिए थराली स्थित इंडेन गैस ऐजेंसी के कार्यालय पंहुचे लेकिन उन्हें एक फार्म थमा कर वापस भेज दिया गया। भंडारी का कहना है कि करीब 30 किमी सड़क मार्ग और पांच किमी पैदल दूरी नापकर वह एजेंसी तक पंहुचे थे। इस यात्रा पर ही उन्हें खाना समेत अन्य खर्चे मिलाकर करीब पांच सौ रुपये भुगतान करना पड़ा। अगर सत्यापन के लिए दूसरे दिन भी आना पड़े तो समझो पूरे हजार से अधिक रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा दिन बरबाद होता है सो अलग।
देवाल विकासखंड के बेराधार, हिमनी, बलाण सहित मुंदोली और लोहाजंग ही नहीं बल्कि नारायणबगड़, कर्णप्रयाग, गैरसैंण और जिले के दूरस्थ गांवों के लोगों के सामने यही समस्या है। थराली ऐजेंसी कर्मियों की मानें तो इंडियन आयल कारपोरेशन (आईओसी) के निर्देश पर अभी केवल सत्यापन फार्म उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। साथ में सत्यापन के टिप्स। चार अक्तूबर बाद सत्यापन के लिए आना होगा। बेराधार के उपभोक्ता रघुवीर सिंह का कहना है कि यदि सत्यापन प्रक्रिया ब्लाक और न्याय पंचायत मुख्यालय पर शिविर के माध्यम से की जाती तो ग्रामीणों को कम परेशानी उठानी पड़ती।
इनका कहना है
एजेंसी में सत्यापन प्रक्रिया विकट है। कारण 2009 से पूर्व के कनेक्शन जो कि ग्वालदम, देवाल, चेपड़ों, तलवाड़ी आदि गांवों के हैं उनका यहां कोई रिकार्ड नहीं है। कर्णप्रयाग ऐजेंसी से लिए गए इन कनेक्शनों को यहां स्थातंरित नहीं किया गया। पिछले वर्ष मैंने यहां कार्यभार गृहण करने के बाद लोगों को जागरूक किया। लेकिन समस्या पूरी तरह हल नहीं हुई। अभी भी करीब 1500 उपभोक्ता अधर में लटके हैं। 2009 के बाद के कनेक्शनों का सत्यापन फिलहाल रोक दिया गया है। उससे पहले कनेक्शनों के दस्तावेज ट्रांसफर के लिए खंगाले जा रहे हैं।
-जेएस जगवाण, प्रबंधक इंडेन गैस ऐजेंसी थराली।
इनका कहना है-
फिलवक्त सत्यापन प्रक्रिया बंद है। अक्तूबर माह में इसे दुबारा शुरू किया जाएगा। ऐजेंसियों को शिविर लगाकर सत्यापन के लिए कहा गया है। दूरस्थ ग्रामीणों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
-श्याम लाल आर्य जिला पूर्ति अधिकारी चमोली।

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