देखिये, नई तबादला नीति से क्या होता है

Chamoli Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
केस-1
घाट प्रखंड मुख्यालय से करीब दस किमी पैदल दूरी पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुतोल में साढ़े पांच साल से तैनात सहायक अध्यापिका मंजू विश्वकर्मा का कहना है कि उनके साथ के अन्य शिक्षकों का तबादला मात्र दो वर्षों में कर दिया गया। लेकिन हर बार आवेदन करने के बाद भी मेरा तबादला नहीं हो पाया। इस बार भी मैंने अंतरमंडलीय स्थानातंरण के लिए आवेदन किया है। लेकिन देखिये क्या होता है।

केस-2
पोखरी प्रखंड के अति दुर्गम राजकीय इंटर कालेज चौंडी में साढे छह वर्षों से तैनात प्रवक्ता भुवनेश्वर प्रसाद पंत कहते है कि हार्ट पेशेंट होने के कारण अक्सर बीमार रहता हूं। 2010 में तबादला होने के बाद भी रोक दिया गया। देहरादून और अन्य सुगम स्थानों पर जमे शिक्षकों ने विभाग की हर नीति को नर्क बना रखा है। पंत कहते है कि उनके साथ विद्यालय में तैनात कई अध्यापकों की दुर्गम एवं अति दुर्गम में सेवाएं 28- 29 वर्ष की हो गई हैं। देखिये इस बार नई तबादला नीति के बाद क्या होता है।

लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी
कर्णप्रयाग। ये दो उदाहरण उन तमाम शिक्षकों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो वर्षों से दुर्गम में तैनात हैं। उन्होंने भी सुगम में तबादला कराने के लिए आवेदन किए। उनमें से कुछ के तबादले भी हुए। लेकिन ऊंची पहुंच न होने के कारण वे दुर्गम से बाहर नहीं निकल पाए। इस बार तबादला नीति में व्यापक बदलाव हुए हैं। शिक्षा विभाग ने अनिवार्य स्थानातंरण के दायरे में आने वाले शिक्षकों की सूची भी जारी कर दी है। लेकिन वे अपने नए तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग करेंगे, इस पर शिक्षकों का संशय बना हुआ है। यह भी अकारण नहीं है। सुगम में वर्षों से डटे शिक्षक जुगाड़बाजी में जुट गए हैं।
रसूखदार शिक्षकों के लिए सुगम-दुर्गम मायने नहीं रखते। यही वजह है कि कई शिक्षक नियुक्ति तिथि से लेकर सेवानिवृत्ति तक सुगम का ही लाभ उठाते रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने कई बार तबादला नीति में बदलाव कर दुर्गम के शिक्षकों को सुगम में उतारने की कोशिशें भी की, लेकिन वे परवान नहीं चढ़ सकीं। इस बार भी ऐसा प्रयास किया गया, ताकि सुगम में वर्षों से जमें शिक्षकों को दुर्गम में भेजा जाए और दुर्गम को सुगम में उतारा जाए। इसके लिए अनिवार्य तबादला सूची भी जारी कर दी गई है। जिसके अनुसार अति दुर्गम में एलटी संवर्ग में 26 और प्रवक्ता संवर्ग में चार शिक्षकों के तबादले होने हैं। जबकि सुगम क्षेत्रों में तैनात 46 प्रवक्ता, 412 एलटी शिक्षक, जूनियर हाईस्कूल के दो प्रधानाध्यापक, 596 सहायक अध्यापक, प्राथमिक के 11 प्रधानाध्यापक और 334 शिक्षकों के अनिवार्य तबादले दुर्गम में होने हैं।

इनका कहना है-
शासकीय निर्देशों के अनुसार तबादला नीति के तहत तीन वर्षों से अति दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को स्थानातंरण के लिए उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। अति दुर्गम क्षेत्रों में तैनात कोई अध्यापक यदि न चाहे तो उसका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। तबादले मंडलीय स्तर से किए जाएंगे। -एसपी खाली जिला शिक्षा अधिकारी ।

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