सूचना अधिकार को बोझ न समझें : डबराल

Bageshwar Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
बागेश्वर। राज्य सूचना आयुक्त प्रभात डबराल ने लोक सूचना अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वह सूचना के अधिकार को बोझ नहीं समझें। समय सीमा के अंतर्गत मांगी गई सूचना दे। सूचना अधिकार की पारदर्शिता के लिए आयोग कृतसंकल्प है। वह लोक अधिकारी प्रथम तथा अपीलीय अधिकारियों की संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कलक्ट्रेट सभागार में राज्य सूचना आयुक्त श्री डबराल ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम 2005 जब से लागू हुआ है तब से सभी कार्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार आया है। लोक सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मांगी गई सूचना एक महीने के भीतर हर हाल में दें। हर अधिकारी इस काम में खरा उतरें। उन्होंने कहा किसी भी सूचना अधिकारी तथा अपीलीय अधिकारी को कहीं पर अगर कोई समस्या आ रही हो तो वह दूरभाष के माध्यम से आयोग से बात कर दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत जो भी सूचना दी जाती है या हस्तगत की जाती है उसके लिए निर्धारित प्रारूप बनाए गए हैं। उन्हीं प्रारूपों में सभी अधिकारी अपनी रिपोर्ट देना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी डा. वी. षणमुगम ने सभी लोक सूचना अधिकारियों से कहा कि वह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जो भी आवेदन पत्र आते हैं उसका रखरखाव निर्धारित प्रारूप के अनुसार रजिस्ट्रर में अंकित करें। जरूरत पड़ने पर आवेदनकर्ता को पंजिका दिखाई जा सके। संगोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी रोशन लाल, उप जिलाधिकारी फींचा राम चौहान, तीरथ पाल सिंह गरुड़, कैलाश टोलिया कपकोट, परियोजना प्रबंधक जीएन जोशी तथा सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारी मौजूद थे।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rampur

सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले की सुनवाई टली

सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले की सुनवाई टली

25 मई 2018

Related Videos

बेकाबू होकर फैलती जा रही है बागेश्वर के जंगलों में लगी आग

उत्तराखंड के बागेश्वर में पिछले हफ्ते जगलों में लगी आग अबतक काबू में नहीं आई है। बेकाबू होकर फैल रही जंगल की आग की जद में आसपास के कई गांव आ गए हैं।

19 जनवरी 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं।आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते है हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen