लाहुरघाटी के पांच गांव पड़े अलग-थलग

Bageshwar Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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गरुड़। बारिश से लाहुरघाटी में जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त होे गया है। शनिवार की शाम घाटी में 12 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से दर्जनों पेयजल योजनाओं क्षतिग्रस्त हो गई है। सैलानी दाड़िखेत मोटर मार्ग जगह-जगह पर ध्वस्त हो गया है। जिससे पांच गांव जिला मुख्यालय से अलग-थलग पड़ गए है।
आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील लाहुरघाटी में शनिवार की शाम भीषण बारिश हुई। जिससे घाटी की तीस हजार की जीवन ठहर गया। लाहुर नदी के उफान भरने से जांख, जखेड़ा, नैकाना, खुमटिया, सुराग,सिमढ़ी, छानीसेरा, पंद्रहपाली, हरबाड़ के ग्रामीणों की साठ नाली कृषि जमीन नदी में समा गई है। बारिश से जाख, सुराग, नैकाना, खुमटिया, छानीसेरा, जखेड़ा, गनीगांव, भगदानू पेयजल योजनाएं बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। छानीसेरा के पूर्व क्षेपं सदस्य देवेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि सैलानी पंद्रहपाली मोटर मार्ग में जगह-जगह पर भूस्खलन होने से मार्ग में यातायात बंद हो गया है। जिसके चलते जाख, नैकाना, खुमटिया, छानीसेरा, पंद्रहपाली, हरबाड़ आदि गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। लमचूला के प्र्रधान मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि लमचूला में उरेडा का गूल, हेड तथा एक घराट बह गया है। लमचूला, सिमगढ़ी, दाड़िमखेत मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। लोनिवि के अवर अभियंता हरीश भयेड़ा ने बताया कि बंद मोटर मार्गों को खोलने के लिए विभाग ने घाटी में जेसीबी भेज दी है।

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