वन विभाग से मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे जिले के 3

Haldwani Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 11:33 PM IST
ख़बर सुनें
वन विभाग से मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे जिले के 383 पशुपालक
बागेश्वर। पिछले दो सालों में जंगली जानवरों के हमलों में मारे गए 383 मवेशियों का मुआवजा अभी तक पशुपालकों को नहीं मिला है। मुआवजा मिलने में हो रही देरी के कारण पशुपालक परेशान हैं। पशुपालकों ने वन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
तेंदुए और भालुओं द्वारा पालतू मवेशियों को निवाला बनाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2013-14 में तेंदुओं ने 181 गाय और बकरियों को मार दिया था।

2014-15 में 256 मवेशी तेंदुुओं का शिकार बने। वर्ष 2015-16 में 285 पशुओं को तेंदुओं और भालुओं ने मार दिया था। वर्ष 2016-17 में तेंदुओं द्वारा पशुओं को निवाला बनाने के 217 मामले विभाग के पास आए। वन विभाग की ओर से 2014-15 के प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा दे दिया है। साल 2015-16 के 295 पशुपालकों में से 129 पशुपालकों को ही मुआवजा दिया गया गया है। 2015 से लेकर अब तक कुल 383 पशुपालक मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें अधिकांश पशुपालक ऐसे हैं, जिनकी दरगुजर गाय व भैंस के दूध या फिर बकरी बेचकर होती है। गाय या बकरी के मारे जाने पर ऐसे परिवारों की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाती है।

वन विभाग की ओर से तेंदुए या अन्य जंगली जानवरों का शिकार बनी गाय का 15 हजार, जबकि बकरी का तीन हजार रुपये पशुपालक को मुआवजा दिया जाता है। वन विभाग के एसीएफ एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मुआवजे की धनराशि शासन से मिलती है। जो पैसा आवंटित हुआ था उसे प्रभावित पशुपालकों में बांट दिया गया है। जैसे ही शासन से मुआवजे की धनराशि मिलेगी शेष पशुपालकों में बांटा जाएगा।

पांच साल में 75 लाख से अधिक का बंटा जा चुका है मुआवजा
बागेश्वर। वन विभाग पिछले पांच साल में तेंदुए, भालू और सूअर के हमले में मारे गए मानव और पशुओं का 75 लाख से अधिक का मुआवजा बांट चुका है। साल 2013-14 में जंगली जानवरों के हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 14 लोग घायल हुए थे। 181 पशु मारे गए थे। साल 2014-15 में तेंदुए के हमले में चार लोग मारे गए थे, जबकि 30 घायल हुए थे और 256 पालतू मवेशी मारे गए थे।

साल 2015-16 में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 17 घायल हुए थे। 295 पशु मारे गए थे। 2016-17 में दो लोगों की मौत हुई ,जबकि 26 लोग घायल हुए। मानव क्षति का सभी को मुआवजा दिया जा चुका है। वन विभाग जंगली जानवरों के हमलों में मारे गए लोगों को तीन लाख गंभीर घायल होने पर 50 हजार, साधारण घायल होने पर 15 हजार, आंशिक अपंग होने पर एक लाख और पूर्ण अपंग होने पर दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Agra

अगले 48 घंटे रहें सावधान, फिर तबाही मचा सकता है तूफान

मौसम विभाग ने फिरोजाबाद जिले में आगामी 48 घंटों के अंदर आंधी-तूफान आने का अनुमान जताया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की हिदायत दी है।

24 मई 2018

Related Videos

बेकाबू होकर फैलती जा रही है बागेश्वर के जंगलों में लगी आग

उत्तराखंड के बागेश्वर में पिछले हफ्ते जगलों में लगी आग अबतक काबू में नहीं आई है। बेकाबू होकर फैल रही जंगल की आग की जद में आसपास के कई गांव आ गए हैं।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen