जिले को जकड़ रहा एचआईवी, 200 मामले सामने आए

Amroha Updated Mon, 01 Dec 2014 05:31 AM IST
ख़बर सुनें
अमरोहा/गजरौला। धीरे-धीरे एचआईवी (ह्यमन इम्यूनोडिफिसिएंसी वायरस) जिले को जकड़ रहा है। जिले में वर्ष 2006 के बाद से अब तक करीब दो सौ एचआईवी प्रभावित सामने आ चुके हैं। इसमें हर माह औसतन दो नए मामले सामने आए हैं।
एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए जिले में वर्ष 2006 से प्रयास शुरू किए गए थे। इसके लिए अमरोहा सीएचसी, जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में अलग-अलग तीन परामर्श केंद्र भी बनाए गए और जांच लैब भी स्थापित की गई। इन परामर्श केंद्रों पर महिला व पुरुष परामर्शदाता नियुक्त किए गए हैं, जबकि लैब में अब तक करीब पचास हजार से अधिक यौन जनित रोगों के संदिग्धों की जांच की गई। इनमें दो सौ से अधिक एचआईवी पॉजीटिव पाए गए हैं। इस तरह हर माह दो नए मामले सामने आ रहे हैं।

जिले में सिर्फ जांच की सुविधा, इलाज के लिए जाना पड़ता है मेरठ
अमरोहा। जिले में अमरोहा, जोया और जिला अस्पताल में स्थापित परामर्श केंद्रों पर जांच की सुविधा है। जांच के बाद यदि संदिग्ध एचआईवी पॉजीटिव पाया जाता है, तो पीड़ित को सैपट्रान (सीपीटी) की डबल डोज दी जाती है। इसके बाद एचआईवी पीड़ित को एआरटी सेंटर मेरठ के लिए रेफर किया जाता है, जहां उसका इलाज शुरू होता है। जब तक रोगी को इलाज मुहैया नहीं हो जाता, तब तक सीपीटी की डबल डोज जारी रहती है।

गुपचुप इलाज बना मजबूरी
अमरोहा। अभी तक एचआईवी पॉजीटिव के लिए जिले में इलाज सुलभ नहीं हो सका है। रोग को प्रतिष्ठा से जोड़ने वाले रोगी आज भी गुपचुप इलाज कराने को मजबूर हैं। रोगियों पर पड़ने वाले मनौवैज्ञानिक असर को देखते हुए तमाम पीड़ित चिकित्सकीय परामर्श के लिए केंद्र तक नहीं आ पाते।

-जानकारी ही बचाव
डीटीओ डा.एसके निगम कहते हैं, जानकारी और जागरूकता ही इस बीमारी से बचा सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाता रहा है। इस विषय पर व्यस्क छात्र-छात्राओं के बीच गोष्ठी और दूसरे तरह के ज्ञानवर्द्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसी का ही परिणाम है कि लोग आज परामर्श केंद्रों पर अपनी समस्या लेकर आने लगे हैं। यदि कोई एचआईवी प्रभावित मलता भी है, तो उसकी पहचान पूरी तरह से छिपाकर रखी जाती है।


बॉक्स
जिले में प्रतिवर्ष औसतन 12 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित करता है। पॉजिटिव मामलों को मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेजा जाता है।
डा. एसके निगम, एड्स नोडल अधिकारी, अमरोहा।
कोट-
जनवरी 2014 से अब तक सात मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इनकी काउंसलिंग और उपचार नियमित रूप से चल रहा है। फिलहाल किसी तरह की कोई परेशानी उन मरीजों के साथ नहीं आ रही है।- डा. प्रवीन कुमार बंसल, सीएमएस अमरोहा।

इनसे फैलता है एचआईवी
असुरक्षित यौन संबंध
एचआईवी पॉजीटिव रक्त चढ़ाने से
गर्भवती मां से उसके बच्चे को

ऐसे करें बचाव
सीरिंज के प्रयोग से पहले उन्हें उबाले, बेहतर होगा की हमेशा नई सीरिंज का प्रयोग करें
रक्त चढ़ाने से पूर्व उसका एचआईवी टेस्ट जरूर कराएं
असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं, एक ही साथी के साथ यौन संबंध बनाएं

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Kanpur

फिर बिगड़ी मौसम की चाल, आंधी तूफान ने मचाई तबाही

यूपी के कानपुर महानगर समेत आसपास के कई जिलों में आंधी एक बार फिर से दस्तक दी । तेज धूल भरी आंधी से दिन में ही अंधेरा छा गया। बिगड़े मौसम से विभिन्न जिलों में टिन शेड उड़ने, बिजली के पोल उखड़ने और आपूर्ति ठप होने की खबर है।

24 मई 2018

Related Videos

अचानक घर पहुंची मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां के हाथ ये लगा

क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवरा को मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां उनके घर अमरोहा पहुंच गई। हसीन जहां ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ““न मैं डाइवोर्स दूंगी, न रिश्ता तोड़ेंगे”।

6 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं।आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते है हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen