प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना का राशन अब गरीब कल्याण योजना में समायोजित होगा

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 10:50 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अल्मोड़ा। लॉकडाउन में लौटे प्रवासियों के लिए चलाई गई आत्मनिर्भर भारत योजना कारगर साबित नहीं हो पाई। जिले में योजना के मानकों के अनुरूप प्रवासी नहीं मिलने से अधिकतर राशन गोदामों में ही रह गया। अब राशन को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में समायोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए विभाग की ओर से आकलन कर शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान नौकरी छूटने के बाद घर लौटे आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रवासियों के लिए सरकार की ओर से आत्मर्निभर भारत योजना चलाई गई। इसमें बगैर राशन कार्ड धारक प्रवासियों को योजना का लाभ दिया जाना था। ऐसे प्रवासी जिनका राशन कार्ड में नाम दर्ज न हो उन्हें सरकार की ओर से दो माह तक पांच किलो चावल और एक किलो साबुत चना दिया जाना था। इसके लिए पूर्ति विभाग अल्मोड़ा की ओर से शुरू में 65 हजार प्रवासियों के लौटने का आकलन किया गया। अंतिम आकलन में 34 हजार प्रवासियों को योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी की गई लेकिन जिले में बमुश्किल 6781 प्रवासियों को ही योजना का लाभ मिल सका। बगैर राशन कार्डधारक प्रवासियों के नहीं मिल पाने के कारण राशन गोदामों में रह गया। जानकारी के अनुसार 31 अगस्त तक योजना चली पर मानक पूरे करने वाले प्रवासी नहीं मिल पाने से राशन वितरित नहीं हो सका। दो माह से गोदामों में पड़ा राशन अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में समायोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से शासन को पत्र भेज राशन की उपलब्धता के बारे में जानकारी दे दी गई है। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी गौरव पांडे ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत योजना के बचे राशन का आकलन करके वितरित किए गए और बचे हुए राशन की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
भारी मात्रा में बचा पड़ा है चावल और साबुत चना
अल्मोड़ा। जिला पूर्ति विभाग की ओर से मई और जून में आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रवासियों को लाभान्वित करने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसके तहत जिले में 863.25 मीट्रिक टन चावल आवंटित हुआ। इसमें से 842.92 मीट्रिक टन चावल जिले के लिए उठाया गया लेकिन इसमें से भी मात्र 67.812 मीट्रिक टन चावल ही लोगों को बंट सका। वहीं 58.89 मीट्रिक टन उठे साबुत चने में से कुल 12.54 मीट्रिक टन ही वितरित हुआ। जिले में 6781 प्रवासियों को ही राशन बंटा। अब भी 775.10 मीट्रिक टन चावल और 46.35 मीट्रिक टन साबुत चना गोदामों में ही बचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X