अल्मोड़ा में शादी के बंधन में बंधे थे पंडित रविशंकर

Almora Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
अल्मोड़ा। प्रख्यात सितारवादक पंडित रविशंकर चालीस के दशक में करीब चार साल तक अपने बड़े भाई नृत्य सम्राट उदयशंकर के साथ अल्मोड़ा में रहकर संगीत साधना की थी। स्वामी विवेकानंद की तपोभूमि अल्मोड़ा में नृत्य सम्राट उदयशंकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कल्चर सेंटर की स्थापना करना चाहते थे। उन्होंने पातालदेवी के निकट स्टूडियो का निर्माण भी करवाया। उस दौर में उनके छोटे भाई रविशंकर भी उदयशंकर के साथ रहकर सितार वादन करते थे। पंडित रविशंकर ने अपनी साथी कलाकार लक्ष्मी के साथ अल्मोड़ा में ही विवाह रचाया था। अल्मोड़ा से उनकी कई यादें जुड़ी हैं।
नृत्य सम्राट उदयशंकर भारत के किसी स्थान पर नृत्य साधना के लिए सेंटर की स्थापना करना चाहते थे। स्वामी विवेकानंद, गुरुदेव रविंद्रनाथ टेगोर, महात्मा गांधी, प्रख्यात चित्रकार ब्रूस्टर आदि महान लोग अल्मोड़ा आकर साधना कर चुके थे। शायद उन्हीं से प्रेरणा लेकर नृत्य सम्राट उदयशंकर कलाकारों के दल और साजो सामान के साथ 1938 में अल्मोड़ा पहुंचे। उन्होंने यहां रानीधारा से लगे पातालदेवी में उदयशंकर कल्चर सेंटर की बुनियाद भी रख ली थी और अस्थाई तौर पर लकड़ी का स्टुडियो तैयार करवाया। जानकारी के मुताबिक उप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने भी उन्हें स्थाई कल्चर सेंटर स्थापित करने के लिए भूमि और आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था।
नृत्य सम्राट उदयशंकर के छोटे भाई रविशंकर उस दौर में सितार वादन सीख रहे थे। अल्मोड़ा प्रवास के दौरान भी वह सितारवादक के तौर पर उदयशंकर के दल में शामिल थे लेकिन तब उन्हें इतनी प्रसिद्धि नहीं मिली थी। हुक्का क्लब के अध्यक्ष 89 वर्षीय शंकर लाल शाह बताते हैं कि तब वह उदयशंकर के कल्चर सेंटर द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में वालेंटियर के तौर पर जाया करते थे। श्री शाह ने बताया कि 1940 से 1942 के बीच सबसे पहले नृत्य सम्राट उदयशंकर का विवाह कल्चर सेंटर की कलाकार अमला से हुआ। इसके कुछ समय बाद उनके छोटे भाई प्रख्यात सितारवादक पंडित रविशंकर की शादी भी अल्मोड़ा में ही उनके कल्चर सेंटर की एक साथी कलाकार लक्ष्मी के साथ हुई। श्री शाह ने बताया कि वह खुद भी पंडित रविशंकर की शादी में शामिल हुए थे। शादी की रश्म उदयशंकर के स्टूडियो में ही हुई और इसमें कुछ गिने चुने लोग शामिल हुए।
उस दौर में प्रेम विवाह को समाज स्वीकार नहीं करता था। उदयशंकर के बाद पंडित रविशंकर के प्रेम विवाह की चर्चा काफी दिनों तक होती रही। इस कारण अल्मोड़ा के कई लोगों ने कल्चर सेंटर को सहयोग देना भी बंद कर दिया। इन तमाम कारणों से नृत्य सम्राट उदयशंकर को यह केंद्र बंद करना पड़ा और 1943 में कलाकारों के दल साथ अल्मोड़ा से चले गए। बाद में पंडित रविशंकर अपने बड़े भाई उदयशंकर के दल से अलग हो गए और उन्होंने महान सितार वादक के तौर पर पूरी दुनिया में नाम कमाया।

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