वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. वाल्दिया

Almora Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
सोमेश्वर। पद्मश्री और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित भूगर्भ वैज्ञानिक प्रो. केएस वाल्दिया ने कहा है कि जापान की तरह ही भारत में भी भूकंप रोधी तकनीकों का उपयोग होना चाहिए। हल्के भूकंप बार-बार आने से फायदा होता है वहीं बड़े भूकंप आने से खतरा होता है। प्रो. वल्दिया सीएनआर राव हॉल्स आफ साइंस बंगलौर के तत्वावधान में जीआईसी में विज्ञान व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. वाल्दिया ने कहा कि 250 करोड़ वर्ष पूर्व हिमालय की उत्पत्ति प्रारंभ हुई। एशिया महाखंड के भारतीय प्रायदीप से कटकर वलित पर्वतों की श्रेणी बनी। उन्होंने भूकंप और भूस्खलन की उत्पत्ति और बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक गौरीशंकर कांडपाल ने भी विचार रखे। संचालन चंद्र दत्त पपनै और महेश यादव ने किया।
हिमालयन विकास समिति गंगोलीहाट तथा रमसा के संयोजन में हुए कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कमान सिंह खड़ायत, भूपेंद्र सिंह बजेठा, कैलाश रावत, दिनेश मर्तोलिया, कुंवर चक्रवर्ती, रमा भट्ट, विजय कुमार पांडे, डा. कपिल नयाल, गिरीश आर्या आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में जीआईसी सोमेश्वर, जीजीआईसी, जीआईसी दड़मिया, महात्मा गांधी इंटर कालेज चनौदा, इंटर कालेज सलौंज, इंटर कालेज मनान, जूनियर हाईस्कूल लोद के बच्चों ने भाग लिया।

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