लावारिस जानवर बने मुसीबत

Almora Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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द्वाराहाट। लावारिस जानवर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गये हैं, वह मेहनत से उगाई गई फसलों को चट कर जा रहे हैं। काश्तकारों ने समस्या के हल के लिए सरकारी अफसरों के आगे कई बार गुहार लगाई, लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला। मजबूरीवश ग्रामीणों ने फसल बचाने के लिए करीब आधा दर्जन गांवों में निजी चौकीदार रखे हैं, इसके अलावा सरकारी व्यवस्था से नाराज महिला एकता परिषद ने तहसील घेरने का एलान कर दिया है।
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क्षेत्र में लंबे समय से लावारिस जानवरों की समस्या बनी हुई है। इससे निजात दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने पूर्व में आंदोलन भी किए। शासन ने लोगाें पर मुकदमे तो ठोक दिए लेकिन पशुओं की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। फसल बचाने के लिए अब तल्ली कहाली, बमनपुरी, सलालखोला तथा जामड़, बूंगा के लोगों ने खेत की रखवाली के लिए निजी चौकीदार रखे है। इसके लिए हर घर से 10 रुपये माह लिए जा रहे हैं।
इधर, महिला एकता परिषद की सचिव मधुबाला कांडपाल ने बताया कि अगर लावारिस जानवरों की समस्या दूर नहीं हुई तो आगामी 25 जुलाई को तहसील परिसर का घिराव किया जाएगा। छतीना, बमनपुरी, कौंला,भुमकिया, ध्याड़ी, हाट, घगलोड़ी, दैरी, आदि ग्रामीणों ने शासन को भेजे ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उपजिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि लावारिस जानवरों की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। प्रशासन ने ग्रामीणों को जानवरों को गौ सदन भेजने की स्वीकृति तो दे दी है।
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