पालपुर-कोटसारी नहर नहीं हुई ठीक

Almora Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
भिकियासैंण। दो साल पूर्व दैवीय आपदा में ध्वस्त हुई पालपुर-कोटसारी नहर को आज तक ठीक नहीं किया गया है। क्षेत्र में धान की रोपाई होती है। नहर की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण रोपाई के लिए बरसाती पानी पर निर्भर होकर रह गए हैं। विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शीघ्र नहर की मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश सरकार को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि 2010 में दैवीय आपदा के दौरान पालपुर-कोटसारी गांव के लिए विनोद नदी से बनी नहर ध्वस्त हो गई थी। नहर का हेड बह गया था, इसके बाद ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के रानीखेत खंड में लिखित तथा मौखिक शिकायत दर्ज कराई, लंबे समय बाद विभाग ने नहर की मामूली मरम्मत कर इतिश्री कर दी। जो बाद में फिर से बह गई। इसके बाद अधिकारी तथा कर्मचारियों ने नहर की सुध नहीं ली है। रोपाई का सीजन चल रहा है। लेकिन पानी के अभाव में लोग रोपाई नहीं कर पा रहे हैं, बरसाती पानी पर निर्भर होकर रहना पड़ रहा है। कोटसारी निवासी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नहर की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण खासे परेशान हैं, यदि शीघ्र नहर की मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इधर इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता से संपर्क नहीं हो सका।

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