यस अबर्षण कभैं नि देखि..

Almora Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
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भिकियासैंण। ‘ग्योंक बालड़ नै धान मडु कसिकै बुनूं यस अबर्षण कभैं नि देखि हो’। यानी सूखे से गेहूं की फसल तैयार होने से पहले सूख गई। पानी नहीं बरसने से अब धान तथा मडुवा भी कैसे बोएं? यह दर्द है ग्रामीण किसानों का जो बरसात न होने के चलते परेशान हैं। भिकियासैंण ग्राम पंचायत के इमली तोक निवासी 73 वर्षीय प्रेम सिंह बिष्ट समेत अनेक बुजुर्ग कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह का सूखा कभी नहीं देखा। सूखे ने जहां किसानों को हिलाकर रख दिया है वहीं मवेशियों के सामने भी चारे का संकट खड़ा कर दिया है। पानी जल्द नहीं बरसा तो अब खरीफ की फसल के बीज बोने के साथ ही बरसाती सब्जियों की पैदावार पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।
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रानीखेत उप मंडल के ताड़ीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, स्यालदे तथा सल्ट ब्लाकों में इस बार जबरदस्त सूखा पड़ा है। सूखे ने गेहूं, जौ, उड़द, मसूर और सरसों की खेती तबाह कर दी है। किसानों के पास अब अगले साल खेतों में बोने के लिए गेहूं के बीज तक नहीं बचे हैं। भिकियासैंण के प्रेम सिंह का कहना है कि सूखा तो देखा लेकिन इस जैसा नहीं। इससे तो क्षेत्र के अनेक गधेरों के सूख जाने से स्थिति और भी बुरी हो गई है। कुंदन सिंह बंगारी कहते हैं कि सूखे ने मवेशियों के सामने चारे का संकट खड़ा कर दिया है। भीम सिंह सतपोला कहते हैं कि सूखे से फसल तबाह हो गई है लेकिन गांव में अभी तक आंसू पोछने तक को कोई नहीं पहुंचा है। 78 वर्षीय बाली आमा कहती हैं कि अबर्षण तो खूब देखा लेकिन इस बार का जैसा कभी नहीं देखा। धर्मानंद बवाड़ी कहते हैं कि सूखे से जहां परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई वहीं चारे के बगैर मवेशियों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। जालली क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन पांडे का कहना है सरकार को सूखे से हुई क्षति का आकलन करा किसानों के ऋण को माफ, मुआवजा देने और मवेशियों के चारे का तुरंत इंतजाम करना चाहिए। कृषि भंडार प्रभारी भैरव दत्त नैलवाल ने भिकियासैंण क्षेत्र के किसानों को इस बार भिकियासैंण ब्लाक के विभिन्न गांवों में 240 कुंतल गेहूं, एक कुंतल मक्का, पांच कुंतल उड़द, छह कुंतल अरहर, सोयाबीन और 30 कुंतल चौलाई के बीज वितरित किए गए थे। उप मंडल क्षेत्र के किसानों ने प्रदेश शासन से क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने, प्रभावितों को मुआवजा तथा मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था तत्काल करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष तथा रानीखेत के विधायक अजय भट्ट ने कहा में इस मामले में शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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