विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
Puja

चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

गाजीपुरः गुजरात से आए पांच लोग निकले कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 136 पहुंची 

गाजीपुर में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को पांच और नए मरीजों के मिलने से पूरे जिले में हड़कंप मचा है। अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 136 तक पहुंच गई है। इनमें से 68 ठीक हो चुके हैं। नए मरीजों को उपचार के लिए मुहम्मदाबाद कोविड अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी चल रही है। इन मरीजों के मिलने की पुष्टि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जीसी मौर्य ने की है।

बृहस्पतिवार को कोरोना पॉजिटिव मिले पांचों मरीज गुजरात से 28 मई को आए थे। सभी को रेलवे ट्रेनिंग सेंटर में क्वारंटीन किया गया था। इनका सैंपल 29 मई को जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद इनको इलाज के लिए एंबुलेंस से मुहम्मदाबाद कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की सूची तैयार की जा रही है।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग ने कोरोना संक्रमण से लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। जिले के तीन तहसीलों में 760 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों के न केवल इलाज की व्यवस्था की गई है, बल्कि बहुत जल्द अब यहां कोरोना संक्रमण के जांच की भी सुविधा उपलब्ध होगी। ऐसे में अब सैंपल जांच के लिए अन्यत्र नहीं भेजना होगा और न ही उपचार के लिए मरीजों को दूसरी जगह जाना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 3296 संदिग्धों की अबतक सैंपलिंग की है। इसमें से 2417 का रिजल्ट आ चुका है। 2374 लोग नेगेटिव तथा 136 पाजिटिव मिले हैं। अभी भी 784 लोगों का रिपोर्ट आना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले 24 घंटे में 784 संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए भेजा है।
... और पढ़ें
कोरोना वायरस की जांच कोरोना वायरस की जांच

समुद्री चक्रवात 'निसर्ग' का पूर्वांचल के जिलों में दिखने लगा असर, आंधी के साथ हो सकती है बारिश

अरब सागर से उठने वाला चक्रवातीय तूफान का असर बलिया, वाराणसी, आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के जिलों में भी दिखने लगा है। पास-पड़ोस के जिलों में बादलों का आगमन शुरू हो गया है और 4-5 जून को तेज हवा के झोंकों के साथ कहीं कम तो कहीं सामान्य वर्षा हो सकती है। वाराणसी में बृहस्पतिवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। नम हवाएं चलने और बूंदाबांदी से उमस से राहत मिली है। 

भदोही जिले में निसर्ग तूफान के चलते मौसम में बदलाव आया है। आसमान में बादल छा गए हैं और 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। अगले 48 घंटों में बारिश के आसार हैं। बलिया के अमरनाथ मिश्र पी जी कालेज दूबेछपरा के पूर्व प्राचार्य व भूगोलविद् डॉ. गणेश कुमार पाठक ने बताया कि यह प्रभाव पूर्वांचल में 24 घंटे बाद नजर आ सकता है।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय के हवाले से डॉ. पाठक ने बताया कि अरब सागर से दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं तेजी से प्रवाहित होती हुई महाराष्ट्र एवं गुजरात के तटों से टकरा रही हैं और वर्षा भी हो रही है। मुंबई व गुजरात के तटों से 'निसर्ग' तूफान टकराने के बाद यह आगे बढ़ते हुए उत्तरी-पश्चिमी भारत में 4 जून तक व्यापक असर छोड़ सकता है।

वायु की गति 100 किलोमीटर से भी ऊपर होने का अनुमान है। इसका प्रभाव एक दिन बाद बलिया सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों में पड़ना तय है। पूर्वांचल के सभी जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं। आगामी एक सप्ताह के मौसम के बारे में मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि शनिवार तक फ़िलहाल मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा।

वातावरण में नमी होने के कारण हल्की वर्षा भी हो सकती है। डॉ. पाठक के अनुसार रविवार से पुनः मौसम साफ हो जायेगा। सूरज की किरणें फिर से तीव्र होने लगेंगी और एकबार फिर भीषण गर्मी लोगों के लिए कष्टदायक हो सकती है।

20 जून तक मानसून का भी आगमन हो सकता है। एक जून को केरल में मौसम का आगमन हो गया है और यदि सब कुछ सामान्य रहा तो रोहिणी नक्षत्र की समाप्ति के बाद यदि मृगदाव (मृगडाह) नक्षत्र में अच्छी तपन हो जायेगी तो 20 जून तक बलिया में भी मानसून आ जायेगा और वर्षा शुरू हो जायेगी।  
... और पढ़ें

कोरोना काल में बढ़ रहा तनाव, जौनपुर में दो दिन में चार युवकों ने दे दी जान 

लॉकडाउन के दौरान आत्महत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पिछले 48 घंटों में चार युवकों ने आत्महत्या कर ली। कोई पारिवारिक विवाद से क्षुब्ध था तो कोई नशे की लत में अपनी जिंदगी हार गया।नेवढ़िया थाना क्षेत्र के होरैया गांव में बुधवार की देर शाम 24 वर्षीय राहुल यादव ने संदिग्ध हाल में जहर खा लिया। वह छह मई को मुंबई से आया था।

छोटे भाई के मुताबिक परिवार में काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी से क्षुब्ध होकर बुधवार को दोपहर में भाभी मायके चली गई। आए दिन होने वाले विवाद से आजिज राहुल ने देर शाम जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां से रेफर किए जाने के बाद वह राहुल को लेकर भदोही के एक अस्पताल जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस घटना की छानबीन में जुट गई है। उधर, जफराबाद थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव में नीरज चौहान उर्फ चतरु (18) पुत्र मोहित ने बुधवार की रात फंदे से झूलकर जान दे दी। वह भी पारिवारिक कलह से आजिज था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में ले लिया। बता दें कि इसके पहले मंगलवार की रात मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के सुंबुलपुर गांव का निवासी अनिल कुमार पटेल (38) ने घर से थोड़ी दूर नीम के पेड़ में फांसी लगाई थी।

पिता रामजीत पटेल के मुताबिक वह नशे का आदी था। वहीं रामपुर थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव निवासी त्रिभुवन गौतम के छोटे पुत्र आशीष गौतम (22) ने अपनी बीमारी से तंग होकर मंगलवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी थी। समाजशास्त्री प्रो. आरएन त्रिपाठी ने बताया कि लंबे समय बाद बहुत से लोग घर वापस आ रहे हैं। अब तक उनके मकान और जमीन की सुविधाओं का जो लोग लाभ ले रहे थे, उनसे विवाद होना स्वाभाविक था।

जो लोग वापस आए उनका परिवार के साथ सामंजस्य बनना मुश्किल है। इससे कचलते भी विवाद बढ़े हैं। अभाव ग्रस्तता के चलते भी व्यक्ति उन्मादी और हिंसक हो जाता है। मनोवैज्ञानिक प्रो.आरएन सिंह ने बताया कि दुनिया भर में अपराध बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यहां भी मारपीट की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

लोगों की मानसिक ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में नहीं लगेगी तो उनमें नकारात्मक प्रवृत्तियां बढ़ेंगी। लॉकडाउन के बाद दूसरे शहरों से गांव आने वालों से तालमेल में भी दिक्कत हो रही है। जब लोगों का अपना सुख सर्वोपरि हो जाता है तो द्वंद लाजमी है। सहनशीलता कम हो गई है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर लड़ाइयां बढ़ेंगी। 
... और पढ़ें

श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए गोले, होगी बैरिकेडिंग, काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़ ज्यादा होने पर लौटाए जाएंगे भक्त 

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट को खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन के लिए दो आटोमेटिक मशीनें भी लगाई जा रही हैं। भीड़ ज्यादा होने पर श्रद्धालुओं को दूसरे समय आने की अपील भी की जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में आठ जून से प्रवेश दिया जाएगा।

उत्तर के दो गेटों से प्रवेश और दक्षिण दिशा से श्रद्धालुओं की निकासी की जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मंदिर में बनाए जा रहे गोले में ही श्रद्धालु मास्क लगाकर खड़े होंगे। गेट नंबर चार से भक्तों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए भी यही नियम लागू होंगे। भक्तों को बाबा का झांकी दर्शन ही मिलेगा।

कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग भी की जा रही है जिसके कारण सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। वहीं मंदिर के काउंटर से और ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी। सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि बाबा की आरती में रोजाना एक तिहाई टिकट ही बेचे जाएंगे। मंदिर में भीड़ बढ़ने पर लाउड स्पीकर से भक्तों को जानकारी दी जाएगी कि वे दर्शन के लिए दूसरे वक्त भी आ सकते हैं।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us