घनी आबादी वाले इलाकों में हो रहा पटाखों का निर्माण और भंडारण

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 01:17 AM IST
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वाराणसी। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही एक बार फिर शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखों का निर्माण और भंडारण बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। इसके बावजूद पुलिस, एलआईयू, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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शहर में पितरकुंडा, दालमंडी, बेनिया, लल्लापुरा, दोषीपुरा, जियापुरा समेत आसपास के इलाकों में अवैध तरीके से बारूद का भंडारण करके पटाखे बनाए जाते हैं। इसके अलावा लोहता, शिवपुर, रामनगर और बड़ागांव क्षेत्र में भी यह अवैध काम बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसकी जानकारी होने के बावजूद पुलिस दिवाली के समय कार्रवाई की जगह कागजी खानापूर्ति का काम करती है। बुधवार को दालमंडी और आसपास के इलाके में पता लगाने पर सामने आया कि अवैध तरीके से पटाखे तैयार कर उनकी बिक्री के लिए बाजार सज गया है। हालांकि ग्राहक की पूरी तरह से तस्दीक करके ही इसकी बिक्री बनारस व आसपास व पूर्वांचल के अन्य जिलों और बिहार तक के खरीदारों को की जा रही है।
आवाज तेज रहेगी, बाजार से 15 प्रतिशत कम दाम
दालमंडी में अवैध तरीके से पटाखा बेंचने वाले दुकानदार जब इस बात की पुष्टि कर लेते हैं कि खरीदार ठीक है तो बाजार भाव से 15 से 20 प्रतिशत कम दाम पर जबरदस्त आवाज करने वाले पटाखे देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इस समय दालमंडी में 250 रुपये से 2000 रुपये प्रति पीस तक की कीमत वाले तेज धमाकों और रोशनी वाले पटाखे उपलब्ध हैं। पुलिस अचानक छापा न मारे इसके लिए दुकान से कुछ दूरी पर दुकानदार अपने लोगों को भी खड़े रखते हैं, जो माहौल की टोह लेते रहते हैं।
भंडारण और बेचने का लाइसेंस 24 के पास
अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में पटाखों के निर्माण का लाइसेंस सिर्फ एक फर्म के पास है। इसके अलावा बेंचने और भंडारण का लाइसेंस 24 लोगों के पास है। हालांकि हकीकत के धरातल पर यह आंकड़े सही नहीं है। कई लोग अवैध तरीके से पटाखे बनाने और बेचने के साथ ही उनका भंडारण करते हैं।
चार साल पहले छह लोगों की मौत हुई थी
पितरकुंडा क्षेत्र में अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान 25 अक्तूबर 2016 को आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान एक महीने के भीतर पितरकुंडा क्षेत्र में पटाखों के अवैध भंडारण के कारण तीन बार धमाके हुए थे। इसी तरह से 24 अक्तूबर 2018 को अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान लहरतारा पुल के समीप स्थित एक मकान में एक बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2009 में लोहता थाना अंतर्गत अलावल में पटाखा बनाने के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बावजूद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी चेत नहीं रहे हैं और पटाखे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
अवैध तरीके से पटाखा बनाने, भंडारण करने और बेंचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश सभी थानेदारों और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को दिया गया है। इस संबंध में किसी भी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अमित पाठक, एसएसपी
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