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बस्तियों में घुसा पानी, काटी गई तटवर्ती इलाकों की बिजली

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2019 02:00 AM IST
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वाराणसी। तेजी से बढ़ रही गंगा ने अब बस्तियों की ओर रुख कर लिया है। घरों में पानी भरने पर तटवर्ती इलाकों के लोग सामान लेकर रिश्तेदारों के घर जाने लगे हैं। उधर, एहतियातन तटवर्ती इलाकों की बिजली काट दी गई है। गंगा के जलस्तर बढ़ने से सहायक नदियां वरुणा और अस्सी भी उफान पर हैं। इनका पानी निचले इलाके के घरों में भर गया है। वरुणा तट के 15 गांवों के करीब 500 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है।
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बाढ़ राहत के लिए प्रशासन ने 28 चौकियां स्थापित की हैं। नावों का संचालन भी रोक दिया है। एनडीआरएफ को भी अलर्ट कर दिया गया है। उधर, करसड़ा स्थित नगर निगम कचरा प्लांट और उस तक पहुंचने वाला मार्ग गंगा के पानी के कारण मंगलवार को बंद हो गया। इससे दिनभर नगर निगम का कचरा नहीं फेंका जा सका। नगर निगम के कर्मचारी जगह-जगह गड्ढे खोदकर कचरा डंप करने के बाद उसे पाटने में जुटे रहे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। उधर, रमना में निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंच गया है।
खतरे के निशान की ओर बढ़ीं गंगा, बनाई गईं बाढ़ चौकियां
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 69.87 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु 70.26 से महज आधा मीटर नीचे है। वहीं गंगा के बढ़ने की गति दो सेमी प्रति घंटा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से नक्खी घाट क्षेत्र में बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां तीन लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को लाने और ले जाने के साथ उनके सामान की सुरक्षा के लिए वरुणा नदी में चार नाव चलाई जा रही हैं।
मीर घाट
मंगलवार दोपहर एक बजे अमर उजाला की टीम नक्खी घाट क्षेत्र के मीर घाट क्षेत्र में पहुंची। यहां के तालीम नगर निवासी वसीम, आलम, अमीन, हुस्न बानो, मोहन मिस्त्री समेत कई लोग अपना सामान समेट कर जा चुके थे। आसपास के लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी सबसे पहले इन लोगों के घरों में पहुंचा था, इसलिए ये लोग मंगलवार सुबह घर छोड़कर रिश्तेदारों और किराए के मकान में जा चुके हैं। जो लोग मिले वह भी सामान पैक कर चुके थे।
दनियालपुर
बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने के कारण दीनदयालपुर निवासी पप्पू चौधरी, सोनू चौरसिया, राजेंद्र प्रसाद चौधरी, मुन्नी देवी, शिव कुमार, मुनीब, गुडि़या, लल्लन विश्वकर्मा, भोला, महेंद्र कुमार और तारा देवी समेत कई लोग मकान खाली कर झोपड़ी डालकर रहे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वरुणा का पानी एक मंजिला घर में भर चुका है। व्यवस्था न होने के चलते खुले आसमान के नीचे तीन दिन से रह रहे हैं।
सारनाथ क्षेत्र में भी वरुणा का असर
सारनाथ। पुरानापुल, सलारपुर, पुलकोहना क्षेत्रों में वरुणा नदी का पानी घरों में घुस गया है। यहां के लोग सामान समेट कर किराए के मकानों में शिफ्ट हो गए हैं। सलारपुर क्षेत्र के छेदीलाल, चमन, पिंटू, राजनाथ, मिंटू, नारायण, छोटेलाल, राजू यादव समेत लगभग 25 परिवार अपना घर छोड़कर किराए के मकान में रह रहे हैं। कई लोग घर से सामान भी नहीं निकाल पाए हैं।
सामने घाट क्षेत्र में भी पहुंचा गंगा का पानी
सामने घाट से लेकर अस्सी घाट रमना तारापुर टिकरी तक बाढ़ का पानी भर गया है। नाले से होते हुए पानी मारुति नगर कॉलोनी में घुस गया है। सामने घाट स्थित साईं मंदिर और बाढ़ राहत पीएससी कैंप के पास पानी के बहाव से मिट्टी कटने लगी है। यहां के लोग घर छोड़ने की तैयारी में है। सामने घाट के अधिवक्ता राकेश तिवारी, अनुज तिवारी, विक्की मिश्रा, रमाशंकर पटेल, आदित्य सिंह, राजू यादव, पवन साहनी ने बताया कि बाढ़ का पानी अब पटेल नगर के पिछले हिस्से में भी घुसने लगा है और रत्नाकर विहार व हरिओम नगर में बुधवार तक पहुंचने लगेगा। असि नदी का पानी रोहित नगर, कैवल्य धाम, साकेत नगर के निचले हिस्सों में भर गया है।
शवदाह के चार घंटे तक करना पड़ा इंतजार
गंगा का जलस्तर बढ़ने से शवदाह के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के चलते लकड़ी भी महंगी हो गई है। मणिकर्णिका घाट के दुकानदार विभूति नारायण सिंह ने बताया कि नीचे का प्लेटफार्म पूरा डूब चुका हैं। पहले एक साथ 12 से 20 शवों का अंतिम संस्कार होता था, लेकिन अब छतों पर 6 से 7 शवदाह ही हो रहे हैं। इससे गलियों में लंबी लाइन लग रही है। शवदाह के सामान की कीमतों में वृद्धि हो गई है। पहले लकड़ी 300 रुपये प्रति कुंटल बिक रही थी, अब यह 500 रुपये में हो गई है।
मंत्री, डीएम और एसएसपी ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का लिया जायजा
राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मंगलवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र कोनिया सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने डीएम से प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में विस्थापित करने और राहत पहुंचाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। राहत सामग्री का भी वितरण कराया जाएगा। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने भी घाटों और बाढ़ ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया और सभी से अलर्ट रहने को कहा।
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