शहर में बूचड़खानों का ‘बड़ा खेल’

ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 21 Mar 2017 02:13 AM IST
 'Big game' of slaughterhouses in the city
सूबे की नई सरकार ने अवैध बूचड़खानों को तत्काल बंद करने का सख्त निर्देश दिया है लेकिन शहर में बूचड़खानों का ‘बड़ा खेल’ जानकर आप हैरान रह जाएंगे। अवैध बूचड़खानों की छोड़िए, यहां के वैध बूचड़खानों के संचालन पर भी शासन ने पहले से रोक लगा रखी है। वजह, इनका घनी आबादी के बीच होना, इनसे फैलता प्रदूषण, गंदगी और सीवेज समस्या। लेकिन, हालात कुछ और ही गवाही दे रहे हैं। शासन की रोक के बाद कागज पर तो स्लाटर हाउस बंद दिखा दिए गए लेकिन उनका संचालन नहीं रुका। कारण, नगर निगम और पुलिस और संचालकों की गठजोड़। मोटी कमाई के लिए शासन की आंखों में धूल झोंकने की यह कवायद सोमवार की शाम तक जारी थी। वहीं, नगर निगम, पुलिस और प्रशासन सब अपने दावे पर कायम थे कि कहीं कोई एक भी स्लाटर हाउस संचालित नहीं हो रहा है।
 
बेनियाबाग, कमलगड़हा (गोलगड्डा), कचहरी (अर्दली बाजार) में पशु वधशालाएं हैं। इसके अलावा, भेलूपुर और हुकुलगंज में अवैध बूचड़खाने संचालित होते हैं। जो कहीं रिकॉर्ड में ही नहीं हैं। सब कुछ नगर निगम और पुलिस की मिलीभगत से चलता है। वहीं, बेनियाबाग, कमलगड़ा और कचहरी के स्लाटर हाउस पर शासन स्तर से रोक लगी हुई है। सूत्रों का दावा है कि बेनिया को छोड़ दिया जाए तो कोई भी स्लाटर हाउस बंद नहीं है। शहर के बूचड़खानों में रोजाना पांच सौ से अधिक पशु पहुंचाए जाते हैं। रोजाना मांस और चमड़े की सप्लाई होती है। लीदा-पचौनी, गंदगी से आसपास के बाशिंदे बेहाल हैं। इन इलाकों में सीवेज सिस्टम जाम होने की बड़ी वजह भी बूचड़खानों का मलबा है लेकिन इतना सबके बाद भी नगर निगम, प्रशासन और पुलिस, सबका यही दावा है कि कहीं कोई बूचड़खाना नहीं चल रहा है। जबकि, पांडेयपुर से हुकुलगंज मार्ग पर हुकुलगंज बस्ती में वरुणा किनारे अवैध बूचड़खाना खुलेआम संचालित होता है। गंदगी और बदबू के साथ फैला मलबा किसी को भी विचलित कर देगा लेकिन नगर निगम, पुलिस और प्रशासन को कहीं कुछ नजर नहीं आता। इलाके लोग बताते हैं कि बाढ़ के दिनों में लीदा-पचौनी बहकर घरों मेेें पहुंच जाती है। शिकायत पर भी अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं।
 

सूबे में सरकार बनाने के बाद भाजपा अपने संकल्प पत्र को अमली जामा पहनाने लगी है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से अवैध स्लाटर हाउस को बंद करने का निर्देश दिया है। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद और एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीआईजी विजय भूषण, डीएम योगेश्वर राम मिश्र और एसएसपी नितिन तिवारी को इसके लिए सख्त निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाक-चौबंद करने एवं उत्सव की आड़ में उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, वाहन चोरी, चेन स्नेचिंग आदि पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाने और यातायात प्रबंधन भी दुरुस्त करने के लिए कहा गया। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही महिलाओं पर होने वाले अपराध पर त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। थाना दिवस को प्रभावी बनाते हुए नेशनल हाईवे पर मौजूद लाइसेंसी शराब की दुकानों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार बंद अथवा शिफ्ट कराने के लिए भी कहा गया।
 

शहर में सरकारी स्तर पर बने तीनों बूचड़खानों को घनी आबादी से दूर स्थापित किया जाना चाहिए। ऐसा जानकारों का मानना है। पहले शासन स्तर से इन्हें शहर से बाहर करने की तैयारी हुई भी लेकिन जब ऐसा नहीं किया जा सका तो ये पशु वधशालाएं जहां हैं, उन्हें वहीं अत्याधुनिक बनाने और मलबे के निस्तारण की योजना बनी। इसके लिए पिछली सपा सरकार ने 14.13 करोड़ रुपये भी आठ महीने पहले जारी कर दिए। इसके तहत कचहरी के स्लाटर हाउस में तो काम भी शुरू हो चुका है। बेनियाबाग के स्लाटर हाउस को भी चालू कराया जाना है।  लेकिन जानकारों का दावा है कि अत्याधुनिक मशीनें लगाने और इनके मलबे के निस्तारण की व्यवस्था करने से ही स्थिति नहीं सुधरेगी। घनी आबादी होने के नाते मुश्किलें होती रहेंगी जब तक कि इन्हें शहर से बाहर नहीं कर दिया जाता।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी: बीजेपी विधायक लोकेन्द्र सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, ट्रक से भिड़ी कार

उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।

21 फरवरी 2018

Related Videos

यूपी में पेपर लीक करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

मुगलसराय में पुलिस ने तीन लोगों को बोर्ड के फिजिक्स पेपर लीक होने के मामले में गिरफ्तार किया है।

21 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen