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भ्रष्ट और नाकारा कहने पर नगर निगम में भारी हंगामा

Varanasi Updated Tue, 26 Mar 2013 05:31 AM IST
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वाराणसी। नगर निगम सदन के अंदर और बाहर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। भ्रष्ट एवं नकारा कहे जाने पर अधिकारी एवं पार्षद आमने-सामने आ गए। लामबंद पार्षदों ने अधिकारियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया तो नगर आयुक्त ने मेयर से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई। इससे नगर निगम परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति रही। विवाद बढ़ता देख महापौर रामगोपाल मोहले ने अध्यक्ष के नाते अधिकारियों के साथ धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी पार्षदों से खेद जताया तब जाकर मामला शांत हुआ।
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भाजपा विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव की मौजूदगी में निर्धारित समय दोपहर 12 की बजाय 12.10 बजे बैठक शुरू हुई। पार्षद विजय जायसवाल ने महापौर पर हर बार देर से बैठक में उपस्थित होने का आरोप लगाया। इसी बीच पार्षद प्रियंका ने नियमों का हवाला देते हुए 2013-14 के प्रस्तावित बजट को त्रुटिपूर्ण करार दिया। इसका समर्थन करते हुए अन्य पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ने बजट की प्रतियां भी सदन में फाड़ दी। उनका कहना था कि बजट के साथ कार्यसूची भी संलग्न होनी चाहिए। सदस्यों के आरोपों का अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह ने जवाब दिया, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए। हंगामे के बीच ही भाजपा पार्षद नरसिंह दास ने बजट पर चर्चा जरूरी बताते हुए अधिकारियों पर भ्रष्ट व नकारा होने का आरोप लगा दिया। उनका कहना था कि अगर 31 मार्च से पहले बजट पास नहीं हुआ तो अधिकारी उसे अनुमोदन के लिए शासन के पास भेजकर जनता को लूटने का काम करते रहेंगे। नरसिंह ने गृह कर में वृद्धि के प्रस्ताव पर भी चर्चा कराने की मांग की। हंगामे के दौरान ही महापौर ने संकट मोचन के महंत स्वर्गीय वीरभद्र के निधन पर शोक प्रस्ताव लाने की बात कही। इसके बाद पार्षद गोविंद शर्मा ने शोक प्रस्ताव पढ़ा। शोक जताने के बाद सदन की बैठक 30 मार्च को दोपहर 12 बजे तक के लिए बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। बैठक खत्म होते ही नगर आयुक्त आरपी सिंह ने महापौर रामगोपाल मोहले से मिलकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सदन में सभी अधिकारियों पर इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी करना ठीक नहीं है। सबको मालूम है कि पार्षद क्या करते हैं। कुछ तो स्वीपरों तक से पैसा मांगते है। उधर, यह जानकारी जब पार्षदों को मिली तो उन्होंने पहले महापौर से मिलकर आपत्ति जताई। इसके बाद वे नगर आयुक्त के खिलाफ नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए।

31 तक पास नहीं होने पर शासन को भेजा जाएगा बजट
वाराणसी। नगर आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि 31 मार्च तक बजट पास होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर बजट शासन को प्रस्तावित कर दिया जाएगा। उधर, भाजपा, कांग्रेस व सपा सहित सभी दलों के पार्षदों ने एक स्वर से नगर निगम के अधिकारियों पर बजट पर चर्चा नहीं करने देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अधिकारी हंगामा कराकर बजट शासन के जरिये अनुमोदित कराना चाहते हैं। सपा के शंकर बिशनानी, विजय जायसवाल, कांग्रेस के अनिल शर्मा, भाजपा के राजेश जायसवाल आदि ने निगम के अधिकारियों पर बजट पर चर्चा नहीं होने का आरोप लगाया। इनका कहना था कि अधिकारी गृह कर पर प्रस्तावित वृद्धि पर भी चर्चा नहीं होने देना चाहते।
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