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शिक्षक महासभा परीक्षा कार्य से विरत रहने पर अडिग

Varanasi Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की वार्षिक परीक्षाओं के सकुशल संचालन में विश्वविद्यालय प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कारण विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासभा परीक्षा कार्य से विरत रहने की चेतावनी पर अड़ा हुआ है। अभी विश्वविद्यालय की चल रही सेमेस्टर परीक्षा से उन्होंने अपने को विरत रखा है।
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सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने तथा बकाया एरियर के भुगतान की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर महासभा से जुड़े शिक्षक आंदोलनरत हैं। शिक्षकों की नाराजगी मांगे पूरी न होने को लेकर है। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने तथा माडरेशन से अपने को अलग कर रखा है। ऐसे में पहली मार्च से शुरू हो रही वार्षिक परीक्षाओं के सकुशल संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। महासभा के अध्यक्ष डा. काशी नाथ सिंह का कहना है कि महासभा अपनी चेतावनी पर अडिग है। महासभा से जुड़े शिक्षक परीक्षा कार्य से अपने को विरत रखेंगे। फिलहाल सेमेस्टर परीक्षा में भी वे सहयोग नहीं कर रहे हैं। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वार्षिक परीक्षा की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। कोशिश होगी कि बिना किसी व्यवधान के परीक्षाएं संपन्न हो जाएं।



जनवरी से क्लास, मार्च में परीक्षा
वाराणसी। गंगापुर कैंपस में एमकाम और बीकाम पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं कोर्स पूरा होने को लेकर आशंकित हैं। जनवरी में उनकी कक्षाएं शुरू हुईं और अब मार्च में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। छात्रों का कहना है कि अब परीक्षा में केवल एक महीने का समय रह गया है। ऐसे में कोर्स पूरा होने के आसार नहीं हैं। ऐसे में उन्हें परीक्षा की तैयारियों तथा रिवीजन के लिए भरपूर समय नहीं मिलेगा।
छात्रों का कहना है कि कक्षाएं प्रबंध शास्त्र संकाय में दो जनवरी से चल रही हैं। एमकाम के छात्र अखिलेश यादव का कहना है कि जब उनकी कक्षाएं विश्वविद्यालय में शुरू हुईं तब तक आधा कोर्स पूरा हो चुका था। छूट गए कोर्स की पढ़ाई हुई नहीं और नए कोर्स पर ध्यान केंद्रित कर दिया गया। समस्याएं शिक्षकों के सामने रखने पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। फरवरी में परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी गईं। कक्षाएं चलनी शुरू हुईं तो बीच में छुट्टियां भी पड़ीं। बमुश्किल अब तक बीस से पच्चीस दिन कक्षाएं चली हैं और अब 15 मार्च से परीक्षा है। छात्रों का कहना है कि अब तक उन्हें आईकार्ड भी नहीं मिल पाया है। परिसर में चेकिंग के दौरान आई कार्ड न रहने पर उन्हें डांट डपट भी पड़ती है। छात्र ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने पर आश्वासन दिया जाता है कि अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर कोर्स पूरा कर लिया जाएगा।

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