बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

गंगा घाटों पर फैली दुर्व्यवस्था

Varanasi Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
वाराणसी। कुंभ के निमित्त इंतजाम नाकाफी होने से शुक्रवार को गंगा घाटों पर दुर्व्यवस्था फैल गई। प्रसाधन का अभाव होने से पतित पावनी के किनारे पनारे बहने लगे और जहां-तहां गंदगी फैल गई है। महिलाएं कपड़े बदलने के लिए जरा सी आड़ तलाशते थक जा रही हैं। भरी भीड़ में कुछ परिवार परदा तानकर काम चला रहे हैं तो तमाम महिला श्रद्धालु आड़े-तिरछे खड़ी होकर किसी की निगाह की परवाह किए बगैर कपड़े बदलने को मजबूर हो रही हैं। रैन-बसेरे के आसपास बिखरे जूठे पत्तों और कूड़ों के चलते बदइंतजामी सिर चढ़कर बोल रही है सो अलग से।
विज्ञापन

सुबह दशाश्वमेध में जहां भीड़ के चलते खड़ा होना भी मुश्किल था, वहीं राजेंद्र प्रसाद घाट के मंच पर चारो ओर गोबर फैले होने से दूर से आए भक्त कुछ पल सुस्ताने में हिचक महसूस कर रहे थे। नगर निगम के कर्मचारी हाथ मलते तफरीह करते देखे गए। दशाश्वमेध से मुंशी घाट तक सिर पर गट्ठर लादे और हाथों में झोला लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सीढि़यां उतरती और चढ़ती रही। प्रसाधन न होने की वजह से पांडेय घाट से दरभंगा घाट तक इस कदर गंदगी फैल रही है कि उधर से नाक दबाकर पर्यटक और श्रद्धालु किसी तरह गुजर रहे हैं। मौनी अमावस्या पर प्रयाग कुंभ में शाही स्नान पर डुबकी लगाने के लिए दो दिन पहले से ही भक्तों का रेला चल पड़ा है। इस दिन काशी विविध भाषा, वेश वाले भक्तों से गुलजार हो गई। एक तरफ गंगा तटों पर तमाम संस्कृतियों का मिलन देखते बन रहा है तो दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हर किसी को खटक रहा है। कुंभ में भक्तों की भीड़ को देखते हुए नगर निगम की ओर से वैकल्पिक इंतजाम न किए जाने से गंगा निर्मलीकरण का दावा भी हवा-हवाई हो गया है।


इनसेट
चितरंजन पार्क चूल्हों से गुलजार
वाराणसी। चितरंजन पार्क से लगा इलाका इन दिनों दिनभर चूल्हा जलने से अलग रंग में नजर आ रहा है। देशभर के भक्त पार्क के आगे-पीछे या जिसे जहां जगह मिल जा रही है, वहीं चूल्हा जलाने में जुट जा रहे हैं।

एक लाख से अधिक भक्तों ने बाबा का दर्शन
वाराणसी। प्रयाग जाने से पहले काशी में गोता लगाने वाले भक्तों की बाबा के दर्शन के लिए शुक्रवार को लंबी लाइन लगी। गोदौलिया से एक लाइन छत्ताद्वार तक लगी तो दूसरी लाइन चौक तक रही। देर रात तक दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु लाइन में लगकर बाबा की झलक पाने को मशक्कत करते रहे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, रात्रि 11 बजे तक करीब एक लाख से अधिक भक्तों ने बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाकर कल्याण की कामना की।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us