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अस्सी घाट पर माफिया ने खनन से लगाई करोड़ों की चपत

Varanasi Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। काशी के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण अस्सी घाट पर माफिया खुलेआम जेसीबी से खनन कर रहा है। नवंबर से चल रहे इस खनन में करोड़ों की सिल्ट की चोरी हो रही है। माफिया इतना दबंग है कि यह सब नगर निगम के अधिकारियों, खनन विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग और पुलिस किसी को भी कुछ पता नहीं चल पाया, जबकि यह क्षेत्र काशी वन्य जीव प्रभाग की कछुआ सेंचुरी में पड़ता है। यहां से पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बिना पत्ता भी नहीं हटाया जा सकता। जब अमर उजाला ने यहां की तहकीकात शुरू की तो भगदड़ मच गई। चंद मिनटों में रेत, मिट्टी और बालू ढो रहे ट्रैक्टर, जेसीबी मशीन और मजदूर ऐसे गायब हो गए, जैसे वहां कुछ हुआ ही न हो।
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कुछ ही समय में वहां रजिस्टर लेकर बैठे वे लोग दौड़ते आ पहुंचे जो हर ट्रैक्टर के जाने का हिसाब लिखने के साथ ही पैसा वसूल रहे थे। उन्होंने अमर उजाला के फोटोग्राफर को रोक लिया और पूछा कि मीडिया के हो क्या? छायाकार ने खुद को छात्र बताकर गुंडों की फौज से बचाया। इसी बीच तफ्तीश कर रहे अमर उजाला संवाददाता के बारे में जानने के लिए खनन का काम करा रहे माफिया का मुंशी और आर्डर सप्लायर गुरु दयाल भी वहां पहुंच गया। गुरुदयाल ने बताया कि 14 जनवरी तक नगर निगम के ठेकेदार खनन करा रहे थे। इसके बाद दूसरे ठेकेदार पाठक जी खनन करा रहे हैं। जहां से आर्डर आता है, वहां हम माल भेज देते हैं। यहीं पर जानकारी मिली कि पता सबको सब कुछ है लेकिन हिस्सा बंधा हुआ है। इसलिए सबने आंखे मूंद ली हैं और होंठ सिल लिए हैं। अस्सी घाट पर यह खनन नवंबर महीने से ही चल रहा है। 14 जनवरी को नगर आयुक्त आरपी सिंह भी वहां गए थे। उन्हें रैन बसेरे का निरीक्षण करना था। नजर पड़ी तो लगा कि अवैध खनन हो रहा है। इसलिए उन्होंने इसे रोकवा दिया। इधर, आरपी सिंह ने पीठ घुमाई और खनन फिर शुरू हो गया। सवाल यह उठता है क्या नगर आयुक्त को धोखा दिया जा रहा था या फिर माजरा कुछ और है। हालात इतने बदतर हैं कि शहर की हर गली की जानकारी का दावा करने वाले मेयर राम गोपाल मोहले इस बारे में बात छेड़ते ही कहते हैं कि कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। थोड़ी देर बाद फिर फोन किया गया तो बोले, अरे... मैं अभी पता लगवा रहा हूं, वहां कुछ हो रहा है क्या। आपको फोन करके सब बताता हूं। इसके बाद मोहले के फोन का इंतजार ही होता रहा। हालांकि इलाके सभासद गोविंद शर्मा का कहना है कि इस इलाके में अवैध खनन का काम बहुत पहले से हो रहा है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
कोट :
खनन का ठेका दिया नहीं गया है। संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर उससे रिकवरी कराई जाएगी। जो भी विभाग के लोग जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। आरपी सिंह, नगर आयुक्त
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