'My Result Plus

अंधविश्वास : मोक्ष के लिए दे दी जान

Varanasi Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
वाराणसी। दशाश्वमेध स्थित एक धर्मशाला में बुधवार को चेन्नई निवासी मां और बेटी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। कमरे से मिले सुसाइड नोट से पता चला कि अंधविश्वास के चलते दोनों की जान गई। पत्र में लिखा था कि मोक्ष के लिए वे काशी में प्राण त्याग रही हैं। कमरे से तंत्र विद्या से जुड़ी कुछ किताबें और एक लाख 17 हजार रुपये भी मिले। रुपये के बारे में लिखा था कि उनका अंतिम संस्कार विधि विधान से किया जाए। परंपरानुसार लोगों को खाना भी खिलाया जाए। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी संतोष सिंह मौके पर पहुंचे थे।
चेन्नई के पेरमबुर की रहने वाली चंद्रा (62) पेशे से डाक्टर थीं। परिवार में उनके अलावा केवल बेटी उषा नंथिनी (32) ही थी। चंद्रा के पति कूर सेनामूर्ति का पूर्व में देहांत हो चुका है। मां और बेटी दस दिसंबर को दशाश्वमेध पहुंचीं और एक धर्मशाला के कमरा नंबर 11 में ठहरी थीं। दिन में दोनों कहीं चली जाती और रात में लौटती थीं। बुधवार की सुबह जब दोनों काफी देर तक कमरे से नहीं निकलीं तो कर्मचारियों को संदेह हुआ। उन्होंने दरवाजा खोलकर देखा तो अवाक रह गए। चंद्रा फंदे से लटक रही थी, जबकि उषा बिस्तर पर पड़ी थी। उसके मुंह और नाक से खून निकला था। दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फंदे से शव को नीचे उतारा।
पुलिस को बिस्तर से सुसाइड नोट, एक लाख 17 हजार रुपये, एक बैग भरकर दवा, तीन बैग में कपड़े, तंत्र विद्या से जुड़ीं कुछ किताबें, एक पैकेट सिगरेट आदि मिला। चंद्रा ने तमिल भाषा में सुसाइड नोट में लिखा था कि पति की मौत के बाद वह बेटी के साथ अकेली रह रही थी। अपने जीवन से वह निराश थी। सुना था कि काशी में मरने से मोक्ष प्राप्त होता है। इसी वजह से वह बेटी संग काशी में प्राण त्याग रही है। उसने यह भी लिखा था कि अंतिम संस्कार समेत अन्य कार्यक्रमों के लिए वह एक लाख 41 हजार छह सौ रुपये छोड़कर जा रही है। हालांकि पुलिस को एक लाख 17 हजार रुपये ही मिले। दशाश्वमेध थाना प्रभारी आरबी सिंह के अनुसार शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
इनसेट
पहले बेटी को मारा फिर फंदे से झूल गई
वाराणसी। चंद्रा अपनी बेटी के साथ एक ही कमरे में ठहरी थी। उसका शव फंदे से लटक रहा था तो उषा तकिया लगाकर शॉल ओढ़कर आराम से सोई थी। मुंह और नाक से खून निकलता देख उसके विषाक्त खाने की आशंका है। पास में ही मिर्गी से जुड़ीं दवाइयां बिखरी थीं। पुलिस का अनुमान है कि चंद्रा ने पहले बेटी को विषाक्त देकर मारा और फिर खुद फंदे से लटक गई।

शास्त्र कहता है कि मृत्यु वही श्रेष्ठ है जो समस्त भोग के उपरांत स्वयं आती है। आत्महत्या का मार्ग मुक्ति और मोक्ष नहीं दिला सकता है। यह तो अकाल मृत्यु की श्रेणी में आएगा। शास्त्रों में उल्लेख है कि ऐसी मृत्यु पाने वाले को भैरवी यातना भोगनी पड़ती है। काशी मोक्षदायिनी है। काशीवास का लाभ भाग्यवानों को ही प्राप्त होता है और कर्म को भोगते हुए जो शरीर को छोड़ता तो उसे मोक्ष अवश्य प्राप्त होगा। मोक्ष की इच्छा है तो कर्म करें।-सतुआ बाबा संतोष दास महाराज, महामंडलेश्वर

काशी में मरने से मुक्ति मिलती है लेकिन आत्महत्या करने से नहीं। जीवन संघर्ष का नाम है। शरीर का भोग रोग हैं। बिना इसे भोगे मोक्ष नहीं मिलता है। यहां पर आकर निवास करने और भक्ति भाव में लीन होकर स्वाभाविक मौत होने पर ही मोक्ष मिलता है। यदि कोई व्यक्ति मोक्ष प्राप्ति के लिए काशी आता है और आत्महत्या करता है तो उसे मोक्ष कतई नहीं प्राप्त होगा। अगर वह यहां के गरीबों की सेवा नहीं करता है तो उसे केवल मरने से मुक्ति नहीं मिलेगी।-रामेश्वर पुरी, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

NH 24 पर बड़ा हादसा, कार में बैठे बच्चे की एक छोटी सी गलती ने सेकेंडों में ले ली 7 लोगों की जान

इस हादसे में तीन मासूम व दूल्हे के पिता समेत सात लोगों की मौत हो गई।

21 अप्रैल 2018

Related Videos

‘एक साल नई मिसाल’ कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पेश की मिसाल

पूर्वांचल में भारतीय जनता पार्टी अपनी सक्रीयता बढ़ा रही है। इसी क्रम में बलिया में एक साल नई मिसाल कार्यक्रम में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पहुंचे। लेकिन यहां मंत्री श्रीकांत शर्मा ने खुद एक मिसाल पेश की। देखिए ये रिपोर्ट।

20 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen