पालीथिन फ्री जोन नहीं हो पाया विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र

Varanasi Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
वाराणसी। एक दिसंबर से काशी विश्वनाथ मंदिर से पांच सौ मीटर के दायरे में पालीथिन के प्रयोग पर रोक संबंधी घोषणा पर आज तक अमल नहीं हो पाया है। महापौर अब इस घोषणा पर एक जनवरी 2013 से अमल करने की बात कह रहे हैं।
महापौर ने 27 नवंबर को विश्वनाथ मंदिर के चारों तरफ पांच सौ मीटर का क्षेत्र एक दिसंबर से पालीथिन फ्री जोन बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने एक दिसंबर के बाद पालीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों से जुर्माना वसूलने की चेतावनी भी दी थी। लेकिन, महापौर ने अपनी घोषणा को अमल में लाने की तरफ ध्यान नहीं दिया। अब उनका कहना है कि गंगा से सटे विश्वनाथ मंदिर के चारों तरफ 500 मीटर के क्षेत्र को एक जनवरी 2013 से पालीथिन फ्री जोन घोषित किया जाएगा। इससे पहले 15 दिसंबर से माह के अंत तक क्षेत्र के लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जागरूकता अभियान में नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। अभियान के दौरान दुकानदारों से फूल माला आदि सामान कागज के ढोंगों व बैग आदि में देने के लिए कहा जाएगा। दुकानों के आगे छोटे-छोटे कंटेनर भी रखवाए जाएंगे ताकि कूड़ा नाली में न फेंका जाए।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, कहा देश में बेहद कम मुसलमान देशभक्त

सत्ता सुख मिलने के बाद यूपी बीजेपी का कोई न कोई नेता लगातार विवादित बयान दे रहा है। अब बलिया से बीजेपी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि देश के ज्यादातर मुसलमान देशभक्त नहीं है। वो खाते भारत का हैं, और चिंता पाकिस्तान की करते हैं।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper