देश में 97 प्रतिशत महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार

Varanasi Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। भारत में 97 प्रतिशत ऐसी महिलाएं हैं जो कभी न कभी घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। वहीं, अमेरिका में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत है। अमेरिका और भारत के सामाजिक यथार्थ में इसके आयाम अलग-अलग हैं। आर्थिक निर्भरता, आक्रामक व्यवहार और महत्वपूर्ण फैसलाें में दखल देने की प्रवृत्ति ने इसे नए अर्थ प्रदान किए हैं। यह बातें मिसौरी स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के प्रो. डेविड तुशास ने कहीं। वह बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय सभागार में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित ‘घरेलू हिंसा और मध्यस्थता एवं संघर्ष निवारण’ विषयक विशिष्ट व्याख्यान में बोल रहे थे। इसी विवि के प्रो. जोएन काट्ज ने कहा कि 80’ के दशक से दोनों देशाें में महिलाओं को यातना से मुक्ति दिलाने संबंधी नए कानून बनाए जाने लगे। बीएचयू के प्रो. आरपी पाठक ने कहा कि स्थाई शांति निर्माण एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति को सामाजिक सरोकारों से खुद को जोड़ना पड़ता है। इस मौके पर डा. वृंदा परांजपे, डा. सोनाली सिंह, डा. घनश्याम, डा. सुष्मिता सिंह, डा. अभिनव शर्मा, आदि मौजूद थे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

रायबरेली: गुंडों से दो बहनों की सुरक्षा के लिए सिपाही तैनात, सीएम-पीएम को लिखा था पत्र

शोहदों के आतंक से परेशान होकर कॉलेज छोड़ने वाली दोनों बहनों की सुरक्षा के लिए दो सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। वहीं एसपी ने इस मामले में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

24 जनवरी 2018

Related Videos

अलग अंदाज में मनाया गया BHU स्थापना दिवस, आप भी कर उठेंगे वाह-वाह

सोमवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 102वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर पारंपरिक परिधान में सजे छात्र-छात्रों ने झांकियां निकाली। झांकियों के साथ चल रहे स्टूडेंट्स ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते नजर आए।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper