40 साल पुरानी पाइपलाइन निगल गई पांच जिंदगी

Varanasi Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
कैथी (चौबेपुर)। गंगा किनारे बसे कैथी गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए चालीस साल पहले बिछाई गई पाइपलाइन ने पांच जिंदगियां निगल लीं। क्षतिग्रस्त हो चुकी इसी पाइपलाइन से गांव में दूषित जलापूर्ति की जा रही थी। गांव की दो बच्चियाें की मौत के बाद यदि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तत्परता बरतते तो अन्य लोगाें की जान बचाई जा सकती थी क्याेंकि प्रारंभिक दौर में पीडि़ताें की स्थिति गंभीर नहीं थी। आसपास कोई सरकारी अस्पताल न होने के कारण लोगों ने रात में मजबूरन निकट के मेडिकल स्टोर से दवाएं लीं। ये दवाएं कारगर साबित नहीं हुईं और एक के बाद एक मौत होती चली गई। सोमवार को प्राथमिक स्कूल में तैनात डा. संतोष कुमार खुद उल्टी दस्त से पीडि़त हो गया।
1972 में गांव से मार्कंडेय मंदिर तक पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई थी। समय-समय पर ग्रामीण अपनी मनमर्जी से पाइपलाइन के ज्वांइट से कनेक्शन लेते चले गए। इस कारण कई जगह पाइप में लीकेज हो गया। इस पर जल निगम के अधिकारियाें ने ध्यान नहीं दिया। 12 नवंबर, 2012 की शाम गांव के बिरजू प्रसाद की चार वर्षीय पुत्री सीमा और 14 नवंबर को रमेश निषाद की पुत्री प्रिया की मौत के बाद भी मेडिकल टीम कैथी नहीं पहुंची जिससेे दूधनाथ, नागेंद्र और कल्लू की स्थिति गंभीर हुई और इन्होंने भी दम तोड़ दिया। अब तक 56 लोग उल्टी-दस्त से पीडि़त हुए हैं। सोमवार को भी उल्टी-दस्त के तीन नए मरीज चिह्नित किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां बांटी हैं। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
ग्रामीणों ने अमर उजाला टीम को बताया कि डीएम सौरभ बाबू, सीएमओ डा. ज्ञानप्रकाश समेत कई अधिकारियाें ने रविवार को गांव पहुंचकर महज औपचारिकता निभाई। वे गांव के प्राइमरी स्कूल में अस्थाई तौर पर बने अस्पताल पर ही मरीजाें से मिले और लौट गए। मृतकों के घर जाकर उन्हें सांत्वना देने तक की जहमत जिले के आला अफसरों ने नहीं उठाई। वहीं, सोमवार को सांसद रामकिशुन ने कैथी पहुंचकर पीडि़तों का हालचाल लिया।
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दवा की बजाय दुआ मांग रहे ग्रामीण
कैथी (चौबेपुर)। कैथी गांव के लोग दवा की बजाय अब दुआ पर अधिक भरोसा कर रहे हैं। शायद यही वजह थी कि सोमवार को गांव के शीतला मंदिर में लोगों ने मां से इस विपत्ति से छुटकारा पाने की याचना की। मंदिर के पुजारी राजाराम प्रजापति उर्फ काले की उपस्थिति में लोगाें ने देवी गीत गाए। महिलाओं ने नीम की पत्तियों से देवी को प्रसन्न करने की कोशिश की तो पुरुष घंटाें हाथ जोड़ संक्रामक रोग से मुक्ति पाने को आराधना में लगे रहे। लोगाें का कहना था कि गांव में जब भी आपदा आई है तो ऐसा ही किया जाता रहा है।
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बयान:
कैथी में पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत कराई जा रही है। सफाई के लिए लगभग सौ कर्मचारी लगाए गए हैं। बंद नालों और नालियों की भी सफाई कराई जा रही है।-भानुचंद्र गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी।

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