शासन के कुचक्र से मुक्ति के बाद ही बनेगा राम मंदिर : स्वामी निश्चलानंद

Varanasi Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। पूर्वाम्नाय गोवर्धन पीठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज का कहना है कि गंगा, गाय, राम मंदिर में से किसी भी समस्या का हल खोजने के लिए धर्माचार्यों का मिल कर चलना कठिन है। हर कोई चाहता है कि सामने वाला उसका वैचारिक अनुगमन करे। प्रश्न चाहे गंगा का हो अथवा राम मंदिर का, शासन ने ही दोनों तरफ से ऐसा नेतृत्व खड़ा कर दिया है कि समस्याओं का समाधान कभी हो ही न सके।
अस्सी स्थित दक्षिणामूर्ति मठ में बुधवार को पत्रकार वार्ता में स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि अगर किसी की बौद्धिकता मुझसे कम है तो भला मैं उसका अनुगमन कैसे कर सकता हूं। उनका कहना है कि समस्या का स्वरूप चाहे कोई भी हो लेकिन मूल में शासन द्वारा खड़ा किया गया नेतृत्व ही सबसे बड़ा संकट है। ऐसा नेतृत्व बात तो गाय, गंगा, गीता की करता है किंतु काम शासन का करता है। ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं। यही सब कारण हैं कि गंगा के लिए सांस्कृतिक धरातल पर अभियान नहीं चलाए जा सके। जब शासन के कुचक्र से मुक्ति मिलेगी तभी राम मंदिर बनेगा और तभी गंगा अविरल-निर्मल बहेगी। पुरी पीठाधीश्वर 10 नवंबर तक काशी में रहेंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ओपी सिंह कल संभालेंगे यूपी के डीजीपी का पदभार, केंद्र ने किया रिलीव

सीआईएसएफ के डीजी ओपी सिंह को रिलीव करने की आधिकारिक घोषणा रविवार को हो गई।

21 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: श्रीलंका का ये सांस्कृतिक नृत्य देख कर झूम उठेंगे आप

बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय के पंडित ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में गुरुवार की शाम श्रीलंकाई कलाकारों के नाम रही। यहां श्रीलंका से आए 10 कलाकारों के ‘ठुरैया ग्रुप’ ने पारंपरिक नृत्य से समां बांध दिया।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper