जनप्रतिनिधियों को पद पर बने रहने का हक नहीं

Varanasi Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्र ने कहा है कि शहर की कूड़ा व्यवस्था पर इलाहाबाद हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करने की नौबत आना यहां के जनप्रतिनिधियों के लिए शर्मनाक है। इसके लिए शहर के सभी जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। नैतिकता के आधार पर सांसद, विधायकों तथा मेयर को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यों का अहसास कराने, उनके इस्तीफे तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की मांग को लेकर कांग्रेसजन जिला मुख्यालय पर दिनभर का उपवास रखेंगे। कहा कि शहर में रोजाना काफी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में साफ-सुथरी सड़कें, सीवर, अच्छी गलियां, बिजली-पानी तथा सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था का होना जरूरी है। पिछले तीन चार वर्षों से शहर में यह सारी व्यवस्थाएं बिल्कुल ध्वस्त हो गई हैं। ऐसी स्थिति में यहां के नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है। साथ ही पर्यटकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अंतत: मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने जागो बनारस संस्था के प्रति आभार जताया जिसने शहर की समस्याओं को कोर्ट में उठाया। पत्रकार वार्ता में महानगर हाजी रईस अहमद, धर्मेंद्र सिंह, डा. दयाशंकर मिश्र दयालू उपस्थित थे।

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