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सूपर्णखा की नाक कटी, सीता का हरण

Varanasi Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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रामनगर। तोसम पुरुष न मोसम नारी...। पंचवटी में रावण की बहन सूपर्णखा के प्रवेश की शुरुआत शनिवार की लीला में इसी चौपाई के संवाद से हुई। भगवान राम और लक्ष्मण से शादी रचाने के बहाने सीता पर हमलावर हुई सूपर्णखा के नाक-कान काट लिए गए। युद्ध में खर-दूषण के वध के बाद मदद के लिए वह लंका पहुंच गई। सीता हरण के प्रसंग के साथ रामनगर की जगविख्यात लीला में अब राम-रावण के आमने-सामने होने की पृष्ठभूमि तैयार होने लगी है।
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नाक-कान कटने के बाद सूपर्णखा खर-दूषण के पास पहुंची तो वह सेना लेकर राम को ललकारने लगे। लंका में रावण के सभागार में जाकर गिरी सूपर्णखा को कुछ सिपहसालार उठाते हैं और उसकी इस गत के बारे में पूछताछ की जाती है। सूपर्णखा ने जब नाक-कान काटने वालों के बारे में बताया तब उसने बहन का बदला लेने की ठान ली। रावण को महल में नींद नहीं आती। वह मामा मारीच के पास जाता है और उससे स्वर्ण मृग बनकर सीता को लुभाने का आग्रह करता है। पंचवटी में मायावी स्वर्ण मृग को देख सीता उसे लाने की जिद करती हैं। राम उसका पीछा करते दूर निकल जाते हैं। हे लक्ष्मण... कहकर चिल्लाता है। इधर सीता लक्ष्मण से कहती हैं कि प्रभु पर कोई संकट आ गया होगा, वह उनके पास जाएं। लक्ष्मण रेखा खींचकर लक्ष्मण वहां से जैसे ही निकलते हैं, इधर साधु के वेश में रावण भिक्षा लेने पहुंच जाता है। रावण के कदम बढ़ाते ही रेखा से अग्नि धधकने लगती है। साधु वेश में उसके आग्रह पर सीता जैसे ही भिक्षा देने को कदम बाहर निकलती हैं रावण उनका हरण कर लेता है। रास्ते में सीता की पुकार सुन गिद्धराज जटायु ने रावण को घेरा लेकिन हमले में उनके पंख कट गए। इधर पंचवटी पहुंचे राम -लक्ष्मण सीता को न पाकर विलाप करने लगे।


इनसेट
डीरेका की रामलीला आज से
वाराणसी। डीरेका की रंगशाला में रविवार को रामलीला शुरू होगी। पहले दिन रावण का जन्म होगा। नारद मोह ली भी लीला होगी। यह जानकारी विजया दशमी समिति के महामंत्री एसबी सिंह ने दी है।

इनसेट
नियारडीह में राम ने किया ताड़का का संहार
दानगंज। विश्वामित्र के साथ वन में ऋषियों के यज्ञ की रक्षा के लिए गए राम-लक्ष्मण ने नियारडीह की लीला में शनिवार को ताड़का का वध किया। भगवान राम के साथ युद्ध में मारीच और सुबाहु परास्त हो गए। इस दिन अहिल्या उद्धार की भी लीला का जीवंत मंचन किया गया।

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