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छाया रहा शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा

Varanasi Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। उच्च शिक्षा में मूल्य एवं आचार के साथ धर्म, आध्यात्म तथा संस्कृति की शिक्षा देने संबंधी मदन मोहन मालवीय के विचार पर तैयार किया गया केंद्रीय विश्वविद्यालय (मूल्य एवं आचार शिक्षा का बाध्यकारी समावेशन) विधेयक-2012 को शनिवार को बीएचयू के यूथ पार्लियामेंट में ध्वनिमत से पास कर दिया गया। स्टीयरिंग कमेटी द्वारा आयोजित युवा संसद में शिक्षा और स्वास्थ्य विषय पर विशेष चर्चा हुई। युवा सांसदों ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर छात्रसंघ चुनाव कराने का मुद्दा भी उठाया।
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लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका में मौजूद रिया की अनुमति के बाद नवनिर्वाचित सांसद शिवकुमार यादव, श्रीकांत मिश्रा और याशिका नागपाल को शपथ दिलाई गई। राजकुमार सिंह के प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्तमंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बजट में पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना धनराशि आवंटित की गई है। छात्रसंघ चुनाव के संबंध में सभी विश्वविद्यालयाें एवं महाविद्यालयाें में एक नियम लागू करने की आवश्यकता पर उठाए गए प्रश्न पर विधि मंत्री फैजान नासिर ने कहा कि लिंगदोह समिति की सिफारिशाें के आधार पर होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप से बचना होगा। बौद्ध कान्क्लेव के दौरान अव्यवस्था के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख पर लगे दाग पर उठाए गए अब्दुला खालिद के प्रश्न पर पर्यटन मंत्री उमा मिश्रा ने इसके लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। स्वास्थ्य मंत्री स्मृति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाआें की विभिन्न योजनाआें की जानकारी दी। कहा कि भ्रष्टाचार के कुछ मामले प्रकाश में आने से एनआरएचएम की संपूर्ण योजना में गड़बड़ी नहीं मानी जा सकती है। यूथ पार्लियामेंट में 75 छात्र-छात्राआें ने भाग लिया, जिसमें युवाओं ने कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, भाकपा सदस्याें की भूमिका निभाई। कई बार ऐसा मौका आया जब सरकार को विपक्षी नेताआें ने घेरने का प्रयास किया तो सपा नेता सौरभ तिवारी अपने तर्कों से बचाया।


केंद्रीय विश्वविद्यालय विधेयक-2012 का समर्थन करने योग्य है लेकिन बिल में मदन मोहन मालवीय का नाम नहीं शामिल न होना आपत्ति जनक है। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करने में विफल रही है- संजीव कुमार (लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता )
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महामना की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर यह बिल पारित किया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यदि उच्चा शिक्षा में मूल्यपरक और आचारपदक व्यवस्था की जाए तो देश हित में काफी महत्वपूर्ण होगा।- शंभू देवार्चा, (प्रधानमंत्री के रूप में)

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यूथ पार्लियामेंट ही तैयार करेगा भविष्य का सांसद
वाराणसी। बीएचयू में आयोजित यूथ पार्लियामेंट में उपस्थित कुलपति डा. लालजी सिंह ने कहा कि भविष्य के सांसद युवा संसद प्रतियोगिताआें से ही तैयार होंगे। उन्हाेंने देश के अन्य विश्वविद्यालयाें में ऐसे आयोजन की जरूरत बताई और कहा कि छात्रसंघ की बजाय छात्र संसद बनाने की जरूरत है। उन्होंने आयोजकाें से अपील की कि भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम में विज्ञान एवं तकनीक को विधि के साथ सम्मिलित किया जाए। उन्होंने छात्राें में लोकतंत्र का ज्ञान एवं लोकतंत्र के लिए सम्मान विकसित करने की दिशा में युवा संसद को एक प्रभावी विकल्प बताया।

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