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खुदा ने बख्श दी रमजान को जन्नत

Varanasi Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। दोषीपुरा के इकहत्तर वर्षीय रमजान अली को अल्लाहतआला की रहमत से जन्नत नसीब हो गई है। अपने वालिद की तरह ही उन्हें भी खुदा के घर में ही हमेशा के लिए रुखसत होने का मौका मिला। बीवी के साथ हज पर गए इस शख्स ने मक्का के एक होटल में अंतिम सांस ले ली है। इंतकाल की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को उनके घर पर गमजदा माहौल में परिचितों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने गुजरी 21 सितंबर को जबरदस्त खैरमकदम के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से काबा के लिए उड़ान भरी थी।
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पाक मक्का में रमजान के इंतकाल की पुष्टि हज खिदमतगार डॉ. अमीन ने की। पेशे से बुनकर रहे रमजान अली के बारे में पता चला है कि इबादत के बाद उन्होंने अल्लाह की नेमत मांगी और इसके बाद मक्का स्थित होटल में वह रात को आराम फरमाने चले गए। उस होटल में वह अपनी बेगम नूरजहां के साथ ठहरे थे। पता चला है कि अचानक सीने में दर्द उठा। मदद और राहत की दरकार पूरी हो पाती, इससे पहले ही उनके प्राण-पखेरू उड़ गए। हालत बिगड़ने पर बेगम नूरजहां ने दूसरे परिचितों और हज से जुड़े लोगों को जानकारी दी। बाद में चिकित्सकों ने रमजान को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार की सुबह उनके शव को मक्के में ही सुपुर्देखाक कर दिया गया। रमजान अपने पीछे पांच पुत्र और दो पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उल्लेखनीय है कि 1970 में उनके वालिद हाजी शमीउल्लाह भी हज यात्रा के दौरान ही अल्लाह के प्यारे हो गए थे।

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