देश की अर्थव्यवस्था सुधरने में लगेंगे छह महीने

Varanasi Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। देश की अर्थव्यवस्था सुधरने में अभी छह महीने और लगेंगे। अर्थव्यवस्था में गिरावट के कारणों में राजनीतिक, अंदरूनी और बाहरी नीतियां भी शामिल हैं। अगले वित्तीय वर्ष 2013 में अर्थव्यवस्था में सुधार होने की आशा है। ये बातें योजना आयोग एवं आर्थिक सलाहकार परिषद प्रधान मंत्री कार्यालय के सदस्य डा. सुमित्रो चौधरी ने होटल ताज में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
श्री चौधरी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो का शुक्रवार को उद्घाटन करने के लिए वाराणसी आए हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में पूूंजी निवेश रुक जाने से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। इसका असर इकाइयों के उत्पादन पर पड़ रहा है। बिजली का अपेक्षित उत्पादन न होने से उद्योगों को पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है। बढ़ती महंगाई के सवाल पर कहा कि महंगाई बढ़ने के भी कई कारण हैं लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस साल महंगाई के दबाव में कमी दर्ज की गई है। यह महंगाई पेट्रोलियम पदार्थों में तेजी आने की वजह से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एफडीआई का सभी को फायदा होगा। एलआईसी को छोड़ अन्य बीमा कंपनियां घाटे में हैं। रिटेल क्षेत्र में एफडीआई से किसान और ग्राहक दोनों को फायदा होगा। कोई भी दुकान बंद नहीं होगी। मल्टी नेशनल कंपनियों के शोरूम कालोनियों में नहीं खुलेंगे। जब भी खुलेंगे वे बाहरी इलाके में खुलेंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल दो दिन के लिए बंद, छात्रा हुई जुवेनाइल कोर्ट में पेश

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद बच्चों में बसे खौफ को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: सोनभद्र में सफाई कर्मचारियों ने इसलिए मुंडवाया अपना सिर

पूर्वी यूपी के सोमभद्र में उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी 11 सूत्रीय मांगों को पूरी कराने को लेकर दर्जनों सफाईकर्मियों  ने सिर मुंडन कराया।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper