बाल अधिकारों का चार्टर लगेगा दफ्तरों में

Varanasi Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
बच्चों के हक के प्रति संवेदनशील और समन्वित योजना पर बल
मंडल के बाल अधिकारों से संबंधित विभागों की कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बच्चों के अधिकारों के मामले में संवेदनशीलता जरूरी है। बाल अधिकारों से जुड़े सभी विभागों के अफसरों का दायित्व है कि वे बच्चों के पुनर्वास के लिए संजीदगी से काम करें। सर्किट हाउस में मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कोर कमेटी के अध्यक्ष डा. योगेश दूबे ने ये बातें कहीं। बाल कल्याण की योजनाओं, उनके क्रियान्वयन के तरीके को समाहित करते हुए बाल अधिकार चार्टर तैयार करके संबंधित विभागों के दफ्तरों में लगवाने का सुझाव दिया।
बनारस मंडल के बाल अधिकारों से संबंधित शिक्षा, श्रम, पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि कई प्रांतों में ऐसे चार्टर जारी हुए हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर वहां की सरकार ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव श्रम ने भी एक प्रपत्र जारी किया है। असम, पलामू जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में बाल अधिकार चार्टर पर अमल हो रहा है। जरी, साड़ी व्यवसाय में लगे बाल श्रमिकों को हर हाल में मुक्त कराकर उनका पुनर्वास किया जाना चाहिए। कोई बच्चा यदि स्कूल में नहीं है तो वह कहीं न कहीं मजदूरी में लगा है। जूविनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 18 साल के बच्चों का ट्रायल किया जाना चाहिए। उनको जेल भेजना उचित नहीं है। विजन संस्था द्वारा मुक्त कराए गए 34 बाल श्रमिकों के पुनर्वास नहीं होने की बात पर उन्होंने कहा कि पीडि़त को बार-बार दफ्तरों में दौड़ाना उचित नहीं है। मुगलसराय और कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी एवं आरपीएफ द्वारा पकड़े गए बच्चों को त्वरित पुनर्वासित करने पर जोर दिया गया। अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने समन्वित प्रयास करने पर बल दिया। उप श्रमायुक्त एके राय, बीएसए परमहंस सिंह यादव, राजेश मणि, राजीव सिंह आदि मौजूद रहे।

Spotlight

Most Read

Champawat

एसएसबी, पुलिस, वन कर्मियों ने सीमा पर कांबिंग की

ठुलीगाड़ (पूर्णागिरि) में तैनात एसएसबी की पंचम वाहिनी की सी कंपनी के दल ने पुलिस एवं वन विभाग के साथ भारत-नेपाल सीमा पर सघन कांबिंग कर सुरक्षा का जायजा लिया।

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस दरोगा ने दी पूरी कानून व्यवस्था को चुनौती

वाराणसी के चौक थाने में तैनात इंस्पेक्टर अशोक सिंह का यह वीडियो पूरे पुलिस महकमें पर सवाल खड़ा कर रहा है। पूरा मामला दालमंडी में अवैध बेसमेंट निर्माण के खुलासे से जुड़ा है। जहां अशोक सिंह पूरी कानून व्यवस्था को ही चुनौती देते दिख रहे है।

21 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper