पाश्चात्य सभ्यता का हावी होना चिंताजनक

Varanasi Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। बढ़ते उपभोक्तावाद के कारण पाश्चात्य सभ्यता हावी होती जा रही है, जो चिंता का विषय है। लोग आवश्यकता और लालच के बीच सामंजस्य बैठाने में विफल हो रहे हैं। शनिवार को बीएचयू के राजनीति विज्ञान विभाग में गांधी चिंतन की प्रासंगिकता विषयक विशेष व्याख्यान में पूर्व कुलपति और प्रख्यात गांधीवादी चिंतक डा. रामजी सिंह ने ये बातें कहीं।
उन्हाेंने हिंदी की हिमायत करते हुए कहा कि अन्य भाषाआें से गांधी जी की ही तरह मुझे दुराव नहीं है। उन्हाेंने पश्चिमी सभ्यता के मापदंड बदलने की वकालत करते हुए कहा कि अहिंसक जन आंदोलन हिंसा से ज्यादा सशक्त है। विषय स्थापना और स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी पाठक ने की। सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. चंद्रकला पाडिया ने कहा कि गांधी दर्शन की सार्थकता उसे पढ़ने से ज्यादा अमल में लाने से होगी। इसमें प्रो. आनंद शंकर सिंह, डा. घनश्याम, प्रो. बिंदा परांजय, प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. एएन मोहंती, प्रो. शुभा राव, प्रो. टीपी सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।

Spotlight

Most Read

Rohtak

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: वाराणसी में महिला की मौत पर बवाल, फूंका ट्रक

वाराणसी में ट्रक की चपेट में आई महिला की मौत हो गई। जिसके बाद इलाके के लोगों ने हाईवे जाम कर ट्रक को फूंक दिया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत करा हाईवे से जाम हटवाया।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper