युवाओं के प्रेरणास्त्रोत थे पंडित जी

Varanasi Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। ऋषि पंचमी को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पंडित कमलापति त्रिपाठी की 107वीं जयंती मनाई गई। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वक्ताओं ने पंडित जी को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। वह कालेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ के हिमायती भी थे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ अनिवार्य कर दिया था।
विशिष्ट वक्ता प्रो.सतीश राय ने कमलापति त्रिपाठी को काशी की संस्कृति क ाप्रतीक बताया। विशिष्ट अतिथि एडीजी डा. सूर्य कुमार शुक्ल ने पंडित जी से प्रेरणा लेते हुए स्कूली पाठ्यक्रम में नीति शास्त्र को शामिल करने की सलाह दी। मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.वेनी माधव शुक्ल ने छात्र जीवन के संस्मरण सुनाए। इस मौके पर पिंडरा के विधायक अजय राय, मणिहान के विधायक ललितेशपति त्रिपाठी,विजय शंकर पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता कुलपति प्रो.बिंदा प्रसाद मिश्र ने की और संचालन सदानंद शुक्ल ने किया।
उधर, नियार बाबतपुर स्थित रामप्रवेश चौबे इंटर कालेज में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिवसतीश चौबे ने जयंती समारोह में कहा कि 14 साल की अवस्था में ही कमलापति जी स्वतंत्रता आंदोलन में कूदे फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस मौके पर श्वेत कमल चौबे, अरविंद चौबे, डा. एसपी सिंह, कविता सिंह, वंदना सिंह विनोद दीक्षित आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इंग्लिशियालाइन स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समारोह में पीसीसी के प्रशासनिक एवं वित्त प्रभारी राजेशपति त्रिपाठी, रामसागर उपाध्याय, विजय शंकर मेहता, बैजनाथ सिंह, शिवशंकर मौर्य आदि ने पंडित जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। जनकल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष गंगा सहाय पांडेय की अध्यक्षता में लहुराबीर स्थित संगठन कार्यालय में जयंती मनायी गई। डा. मंगल प्रसाद सिंह, प्रदीप कुमार अग्रवाल, डा.अंजनी कुमार मिश्रा, सिद्धनाथ शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।

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