एडीजी ने चुस्त पैरवी के लिए चेताया

Varanasi Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। एडीजी आर एन सिंह ने अधीनस्थों को बताया कि सुस्त पैरवी के चलते अपराधी जमानत पर छूट जाते हैं। सजा नहीं मिल पाती है। अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए चुस्त पैरवी जरूरत है।
एडीजी ने मंडलायुक्त सभागार में मुकदमों की स्थिति वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जानने के लिए एसी क्राइम और एसपीओ को बुलाया था। पूछताछ के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों ने बताया कि जिले के टापटेन अपराधियों के 62 मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। वैसे सनसनीखेज घटनाओं के 97 मुकदमों को गंभीर पैरवी के लिए चिन्हित किया गया है। एडीजी ने सलाह दी कि मुकदमों की पैरवी के लिए गवाहों को समय से अदालत में उपस्थिति कराना होगा। इसके लिए एसपी क्राइम और एसपीओ गवाहों के नंबर अपने पास रखेंगे। ख्याल रखना होगा कि अपराधियों के खिलाफ गवाही देने वाले गवाह पक्षद्रोही न हो सके। इसके लिए गवाहों का भी डाटा बैंक रखना होगा। मुकदमे में पुलिस रिपोर्ट चिकित्सा रिपोर्ट प्रस्तुत कर अपराधियों के खिलाफ चुस्त पैरवी की जा सकती है। दो घंटे की क्रांफ्रेसिंग के दौरान एडीजी ने कई मुकदमों की वर्तमान स्थिति और उसके भविष्य पर चर्चा की। वार्ता में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एसपीओ हरिश्चंद्र सिंह यादव समेत एक दर्जन लोग उपस्थित रहे।

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