एसबीआई मुन्ना भाई प्रकरण की जांच शुरू

Varanasi Updated Sun, 09 Sep 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। भारतीय स्टेट बैंक की क्लर्क भर्ती परीक्षा के साक्षात्कार में 30 मुन्ना भाइयों के पकड़े जाने के मामले को बैंक प्रबंधन ने संजीदगी से लिया है। बैंक के मुख्य महाप्रबंधक (लखनऊ जोन) के. रामचंद्रन ने इस प्रकरण की जांच शुरू करा दी है। डीजीएम वाराणसी अनिल चोपड़ा को फोन पर दिए गए निर्देश में कहा है कि अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र पुलिस से जांच कराने के बाद ही दिया जाएगा। भविष्य में होने वाली बैंक की परीक्षाओं में बायोमैट्रिक प्रणाली अपनाई जाएगी। अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर के साथ उनके अंगूठे का निशान भी लिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। डीजीएम को सोमवार को लखनऊ भी तलब किया गया है।
उधर, डीजीएम चोपड़ा पूरे मामले में बार-बार बयान बदलते रहे। शुक्रवार को मुख्य महाप्रबंधक से मीडिया के सामने उन्होंने एक मामला पकड़े जाने की बात कही थी। वहीं एक मीडियाकर्मी को चार मुन्ना भाइयों के चिह्नित होने की जानकारी दी थी। अमर उजाला को खुद फोन करके शुक्रवार की रात उन्होंने ऐसे 10 मामले सामने आने की बात कही थी। शनिवार को वह पूरे मामले से यू-टर्न लेते नजर आए। यह दबाव अधिकारियों का है या फिर रैकेट चलाने वालों का, इस पर बात करने को तैयार भी नहीं दिखे। अमर उजाला की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कुछ अधिकारियों ने उन्हें मामले सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी थी। चार सितंबर को कैंट थाने से फोर्स भेजी गई थी। डीजीएम ने दो घंटे फोर्स को रोकने के बाद यह कहकर लौटा दिया था कि जरूरत पड़ने पर मदद ली जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अगर साक्षात्कार की वीडियोग्राफी फुटेज की जांच हो तो बहुत कुछ सामने आ जाएगा।
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एक अधिकारी को दी गई थी तीन कक्ष की जिम्मेदारी
वाराणसी। एसबीआई की क्लर्क ग्रेड की परीक्षा में दो-तीन कमरों की निगरानी करने के लिए एक अधिकारी को जिम्मा दिया गया था। सबसे बड़ी खामी यह रही कि इसकी वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई। अगर यह होता तो सारे चेहरे सामने आ जाते। बैंक सूत्रों का कहना है कि ऐसे में परीक्षा में खामियां होना संभव है। क्योंकि कक्ष निरीक्षण कर रहे शिक्षक अधिकारियों पर ही सब कुछ छोड़ देते हैं। पहले कुल 9500 क्लर्क ग्रेड के पद थे। बाद में 10 हजार पद बढ़ाकर 19,500 भर्तियां करने का फैसला हुआ था। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण लगभग 58,000 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। देश भर में कुल 75 माड्यूलों में साक्षात्कार हुए। लखनऊ माड्यूल के अंतर्गत गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर, बरेली, लखनऊ और वाराणसी में साक्षात्कार की प्रक्रिया तीन सितंबर से आठ सितंबर तक चली थी।
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एसबीआई की परीक्षा प्रणाली फूलप्रूफ : डीजीएम
वाराणसी। भारतीय स्टेट बैंक की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से फूलप्रूफ है। दस्तावेजों की जांच के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था है। यह जानकारी देते हुए बैंक के उपमहाप्रबंधक अनिल चोपड़ा ने बताया कि किसी बोगस कंडीडेट को इन तीनों चरणों को पार करना लगभग असंभव होता है। कहा कि हस्ताक्षर मिलान किसी भी मुन्ना भाई टाइप अभ्यर्थी का पर्दाफाश कर देता है। उन्होंने कहा कि वाराणसी केंद्र पर कुल 439 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। इनमें 35 अनुपस्थित रहे जबकि 12 अभ्यर्थी ऐसे थे जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे।

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