प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ बुलंद हुई आवाज

Varanasi Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। प्रोन्नति में आरक्षण के खिलाफ बुधवार को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल कर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर विभाग में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हड़ताली कर्मचारियों की सभा में सरकार और आरक्षण विरोधी नारे भी लगाए गए।
कर्मचारी नेता पद्मनाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए अगर विधेयक पारित कराया जाता है तो यह देश की 80 फीसदी आबादी के साथ अन्याय होगा। इससे लोगों का सरकार से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण स्वतंत्रता और समानता के अधिकारों का हनन है। इस दौरान ‘आरक्षण के लिए संविधान संशोधन स्वीकार नहीं’, ‘ज्येष्ठता और श्रेष्ठता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ सरीखे नारे भी लगते रहे। वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजनीति न करने और प्रोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को वापस लेने की सरकार से मांग की। सुधीर कुमार, विपिन श्रीवास्तव, एके सिंह, एनके चतुर्वेदी, विनय कुमार सिंह, आकाश पांडेय, ईश्वर दत्त पांडेय, एमपी सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव, राकेश दीक्षित, श्रीकांत पांडेय, उमेश बहादुर सिंह, दिनेश लाल श्रीवास्तव, चंद्रशेखर यादव, विजय सिंह, मोहन यादव, यूपी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

वाणिज्य कर कर्मचारियों ने बिल की प्रतियां जलाईं
वाराणसी। प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल पर रहे। धरना और प्रदर्शन के साथ ही बिल की प्रतियां भी जलाईं। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था का विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से व्यापारी सुविधा केंद्र बंद हो गया था। इससे व्यापारियों और अधिवक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। सभा में आरएस उपाध्याय, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, राकेश मोहन पांडेय, संतोष कुमार राय, अशोक कुमार शर्मा, सुधांशु मोहन गौड़, रमाशंकर झा, अजीत श्रीवास्तव, गोविंद मिश्रा, धर्मेंद्र चौबे, कैलाश नाथ, संजीव कुमार पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन परशुराम यादव ने किया। उधर, हड़ताल का असर जिला उपभोक्ता फोरम पर दिखा। फोरम के अध्यक्ष और सदस्य मौजूद थे। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित हुआ।

विकास भवन के मुख्य द्वार पर धरना
वाराणसी। पदोन्नति में आरक्षण का बिल राज्यसभा में पेश करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के विरुद्ध 28 विभागों के कर्मचारियों ने विकास भवन के मुख्य द्वार पर धरना दिया। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण से समाज में असमानता और कुंठा आएगी। इस बिल को किसी कीमत पर पास नहीं होने दिया जाएगा।
विकास भवन राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महिमादत्त द्विवेदी ने कहा कि यह प्रतिगामी कदम है। इससे समाज में विसंगति पैदा होगी। सर्वोच्च न्यायालय ने जिस बात का निर्णय कर दिया। उसे बदलने का कोई औचित्य नहीं है। नेताओं ने कहा कि इस प्रतिगामी नीति का आखिरी क्षण तक विरोध किया जाएगा। बीएन चौबे, डीएन तिवारी, आद्या प्रसाद सिंह, संतोष कुमार, दिनेश सिंह, रामचंद्र गुप्ता, टीएन सिंह, राधेश्याम यादव, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह, अमित कुमार मिश्र, दिनेश प्रसाद सिंह, विनोद कुमार सिंह, विनोद कुमार पांडेय, नरेंद्र कुमार सिंह, सीताराम, मनबोध कुमार लाल, राकेश दीक्षित, अरविंद कुमार पांडेय ने विचार व्यक्त किए।

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