अल्पसंख्यक अस्पतालों की स्थिति खराब

Varanasi Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। जकात के फंड से चल रहे अल्पसंख्यक अस्पतालाें के डाट्स सेंटरों के करीब 18 लाख रुपये का बकाया है। तीन वर्षों से सरकार की ओर से बजट न देने से न तो भवन का रखरखाव हो पा रहा है और न ही वेतन का भुगतान।
नगर में जामिया अस्पताल पीलीकोठी, मौलाना बुनकर अस्पताल बड़ी बाजार, जनता अस्पताल मदनपुरा और पब्लिक वेलफेयर कमच्छा स्थित है। इन अस्पतालों में केंद्र सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम ‘डाट्स’ चलाया जाता है। डाट्स भवन के रखरखाव और वहां के दो कर्मचारियों के वेतन के मद में सरकार हर साल करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करती है। इन अस्पतालों में वर्ष 2009 से अबतक करीब 18 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ जिसके चलते डाट्स भवन का रखरखाव और वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर कर्मियों में आक्रोश है। मौलाना बुनकर अस्पताल के सचिव हाजी जलीस अहमद अंसारी ने बताया कि कई बार राज्य क्षय अधिकारी स्वास्थ्य महानिदेशालय, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक धनराशि का भुगतान नहीं किया गया।

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