मनुष्य और चिपैंजी के पूर्वज की खोज जारी है

Varanasi Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। जीवाश्म विज्ञानी अभी भी इस बात की खोज में लगे हैं कि मनुष्य और चिम्पैंजी के पूर्वज कौन हैं। पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ‘मानव उद्विकास का रहस्य’ विषय पर चर्चा करते हुए बीएचयू के कुलपति डा. लालजी सिंह ने ये बातें कहीं। उन्होंने गुरुवार को शारीरिक शिक्षा विभाग के नवनिर्मित चार मंजिले भवन का उद्घाटन किया।
कहा कि मानवीय जीन 0.5 प्रतिशत बैक्टीरिया की तरह, 46 प्रतिशत यीष्ट की तरह, 85 प्रतिशत चूहे की तरह और 99 प्रतिशत चिम्पैंजी की तरह है, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मानव का विकास चिम्पैंजी से हुआ। उन्होंने कहा कि उड़ीसा के काेंड जनजाति की जेनेटिक संरचना चिम्पैंजी के समान है और देखने में भी दोनाें में काफी समानता है। उन्होंने विकास के तीन स्वीकार्य सिद्धांताें मल्टी रिजनल माडल, नवीनतम अफ्रीकन माडल और हाईब्रिड माडल के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षीय उद्बोधन एवं धन्यवाद कला संकाय के प्रमुख प्रो. एमएन राय ने दिया। उधर, बिरला छात्रावास के निकट स्थित कला संकाय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास का उद्घाटन कुलपति ने किया। सरसुंदरलाल चिकित्सालय परिसर में डिपार्टमेंट आफ रेडियोथेरेपी एंड रेडिएशन मेडिसीन द्वारा स्थापित होने वाला लिनिय एक्सेलेरेटर काम्पलेक्स की आधारशिला बुधवार की शाम कुलपति ने रखी। यह मशीन लगभग नौ करोड़ की लागत से स्थापित हो रही है। इससे मरीजाें का उपचार काफी सस्ता हो जाएगा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायक के इस बयान से मुश्किल में पड़ सकते हैं केजरीवाल, कहा- '...ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए'

केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव से हाथापाई मामले में फजीहत झेल रही आम आदमी पार्टी अपने एक विधायक के विवादित बयान से बड़ी मुश्किल में फंस सकती है।

23 फरवरी 2018

Related Videos

वाराणसी में युवाओं ने जमाया रंग, आप भी देखिए

वाराणसी में कला, साहित्य, संस्कृति के इंद्रधनुषी रंग की छटा कला संकाय के युवा महोत्सव ‘संस्कृति 2018’ में देखने को मिल रही है। समूह गान प्रतियोगिता में होली और देशभक्ति के गीत आदि प्रस्तुतियां बेहतरीन रही।

22 फरवरी 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen