संसद के समय की बरबादी रोकने की चिंता

Varanasi Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। संसद में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के दौरान हंगामा शुरू हो जाता है। सदस्य वाक आउट कर देते हैं। इससे हाउस के कामकाज का वक्त जाया होता है। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार संसद की कार्यवाही का कीमती वक्त बरबाद होने से चिंतित हैं। कैंटोमेंट स्थित एक होटल में उन्होंने बताया कि सभी दलों से खुद पर नियंत्रण रखने की अपील की जाएगी। वह सासाराम जाते समय कुछ वक्त के लिए यहां रुकी थीं।
उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र आठ अगस्त से शुरू हो रहा है। बात-बात पर बहिष्कार करने या हंगामा करने से संसद का जरूरी वक्त बरबाद होता है। गतिरोध आ जाने पर कई महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा नहीं हो पाती। जल्दबाजी में कई बिल बिना पर्याप्त चर्चा के पास हो जाते हैं। इसे लेकर सब चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि मानसून सत्र से दो दिन पूर्व छह तारीख को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। उसमें सभी दलों से अपील की जाएगी कि वे संसद की कार्यवाही में सहयोग करें। अपनी बातों को उचित तरीके से उठाएं। जन लोकपाल विधेयक के बारे में उन्होंने कहा कि इसे प्राइवेट बिल के रूप में पेश किया जा सकता है। यदि कोई इसे संसद में लाने का प्रयास करता है तो उस पर विचार किया जाएगा। अन्ना हजारे के चुनाव लड़ने के ऐलान पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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