विश्व बैंक की मदद से उपजाऊ बनाएंगे भूमि

Varanasi Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। शहरों का तेजी से विस्तार हो रहा है। कृषि भूमि घटती जा रही है और बढ़ती आबादी के लिए अधिक अनाज की जरूरत है। इसको देखते हुए सूबे की सरकार ऊसर और बीहड़ की जमीनों को उपजाऊ बनाने की कवायद में जुटी है। ऊसर सुधार एवं परती भूमि विकास मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऊसर और बीहड़ की जमीनों को जोत में बदलने के लिए विश्व बैंक 1600 करोड़ रुपये की सहायता देने को तैयार हो गया है। शुक्रवार को लखनऊ जाते समय वह कुछ देर के लिए सर्किट हाउस में रुके थे।
उन्होंने बताया कि हाल ही में वह 12 दिन तक अमेरिका रहकर लौटे हैं। वहां उन्होंने विश्व बैंक के अधिकारियों से ऊसर एवं बीहड़ सुधार योजनाओं की बाबत चर्चा की। वे कार्ययोजना से सहमत हुए। उन्होंने 1600 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया है। सरकार ने हर साल 32 हजार हेक्टेयर ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चार सालों में पूर्वांचल के सभी जिलों की ऊसर एवं परती भूमि को कृषि योग्य बना दिया जाएगा। चंबल क्षेत्र के पांच जिलों में बीहड़ योजना के तहत पाइलट प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। सफल होने पर अन्य जिलों को भी उसके दायरे में लिया जाएगा। भूमि उपजाऊ होने पर कई क्षेत्रों की तमाम समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाले के तीसरे केस में लालू यादव दोषी करार, दोपहर 2 बजे बाद होगा सजा का ऐलान

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

अलग अंदाज में मनाया गया BHU स्थापना दिवस, आप भी कर उठेंगे वाह-वाह

सोमवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 102वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर पारंपरिक परिधान में सजे छात्र-छात्रों ने झांकियां निकाली। झांकियों के साथ चल रहे स्टूडेंट्स ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते नजर आए।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls