गंगा से पांच सौ मीटर के दायरे में नए निर्माण पर लग सकती है रोक

Varanasi Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। महायोजना 2031 को अंतिम रूप देने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसमें गंगा तट से 500 मीटर के दायरे में नए निर्माण पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। गंगा तट से 200 मीटर तक के दायरे में शामिल इलाकों को धार्मिक क्षेत्र प्रस्तावित करने पर भी मंथन चल रहा है।
महायोजना 2011 की समयावधि गत वर्ष जुलाई में ही समाप्त हो गई थी। उस समय विकास प्राधिकरण की तरफ से नई महायोजना स्वीकृत होने तक पुराने प्रावधानों को ही लागू रखने का आदेश जारी किया गया था। गंगा तट से 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के नए निर्माण पर पहले से रोक है। अब नई महायोजना में यह व्यवस्था बरकरार रखने के साथ ही 500 मीटर के दायरे में खाली पड़े स्थान पर नए निर्माण पर रोक संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार हो रहा है। इस दायरे में आने वाले जर्जर भवनों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की जरूरत पड़ने पर विशेष अनुमति देने और घाटों से सटी गलियों में पुराने भवनों के ऊपरी तल पर नए निर्माण पर रोक संबंधी प्रस्ताव को भी शामिल किया जा सकता है। महायोजना को लेकर जल्दी ही बैठक बुलाने की तैयारी है।

ये क्षेत्र आएंगे दायरे में
सामने घाट से राजघाट तक के सभी घाट, अस्सी-गोदौलिया मार्ग के समीपवर्ती मुहल्ले (अस्सी, रविंद्रपुरी कालोनी, पांडेय हवेली, सोनारपुरा, मदनपुरा, गोदौलिया) और मच्छोदरी-राजघाट मार्ग।

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