सूखती धरती पर बारिश से लौटी हरियाली

Varanasi Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। जुलाई में हुई अच्छी बारिश ने जिले के 35 प्रतिशत ऐसे क्षेत्र में भी हरियाली लौटा दी है जहां जून में कम वर्षा होने से सूखे की स्थिति हो गई थी। अच्छी बारिश से अपेक्षित खरीफ उत्पादन की संभावना बढ़ गई है। जिले में लगभग 50 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है। जुलाई की बारिश से जिले में प्रति हेक्टेयर दो क्विंटल चावल अधिक उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
धान उत्पादन के लिए जुलाई की बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिले में 2008 के बाद इस साल जुलाई में खेती की जरूरत के मुताबिक बारिश हुई है। 2008 में 474.2 मिमी बारिश हुई थी जबकि उसके बाद के वर्षों में जुलाई में 200 मिमी से कम वर्षा रिकार्ड की गई थी। इस साल जुलाई माह में 367 मिमी बारिश हुई है जो मानक 310 मिमी से अधिक है। पिछले साल जिले में 150 मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ था।
जिला कृषि अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि जुलाई में हुई अच्छी बारिश से उन क्षेत्राें में भी धान की रोपाई हो गई जहां उम्मीद नहीं थी। धान के अलावा ज्वार, बाजरा, तिल, अरहर की भी अच्छी पैदावार होने का अनुमान है। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में है इसीलिए अगस्त में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

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