नोडल अधिकारी की निगरानी में रखे जाएंगे मास्टर कार्ड

Varanasi Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। गरीब लोगों को नि:शुल्क उपचार मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई हेल्थ स्मार्ट कार्ड योजना में अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। नई व्यवस्था के तहत मास्टर कार्ड आशाओं, स्वास्थ्यकर्मियों अथवा ग्राम विकास अधिकारी के पास न रखकर इसे क्षेत्रीय नोडल अधिकारी की निगरानी में रखा जाएगा। यदि इसके बाद भी फर्जीवाड़ा होता है तो इसके लिए नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे। फिलहाल मास्टर कार्ड मंगा लिए गए हैं और एक अगस्त से हेल्थ स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा।
बता दें कि हेल्थ स्मार्ट कार्ड बनाते समय स्वास्थ्य विभाग मास्टर कार्ड का इस्तेमाल करता है। मास्टर कार्ड का नंबर लाभार्थी के हेल्थ स्मार्ट कार्ड पर पंच किया जाता है। इसके बाद आशाएं, स्वास्थ्य कर्मी अथवा ग्राम विकास अधिकारी मास्टर कार्ड अपने पास रख लेते थे। इसके बाद शुरू हो जाता था फर्जीवाड़े का खेल। पिछले तीन साल में काशी विद्यापीठ, सेवापुरी, चोलापुर, आराजीलाइन, रोहनिया ब्लाकाें में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए जिनमें कई उन लोगों के भी कार्ड बना दिए गए जिन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। यही नहीं, बाद में फर्जी तरीके से बनाए गए कार्ड या तो संबंधित लोगों को बेच दिए गए या फिर किसी अन्य का उपचार कराके धनराशि भी निकाल ली गई।

Spotlight

Most Read

Ballia

अभाविप ने फूंका केरल सरकार का पुतला

कार्यकर्ता की हत्‍या के विरोध में फूटा गुस्सा

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस दरोगा ने दी पूरी कानून व्यवस्था को चुनौती

वाराणसी के चौक थाने में तैनात इंस्पेक्टर अशोक सिंह का यह वीडियो पूरे पुलिस महकमें पर सवाल खड़ा कर रहा है। पूरा मामला दालमंडी में अवैध बेसमेंट निर्माण के खुलासे से जुड़ा है। जहां अशोक सिंह पूरी कानून व्यवस्था को ही चुनौती देते दिख रहे है।

21 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper