आए थे मरने, अब जीने को लड़ रहे

Varanasi Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। काशी मरत परम पद लहहीं...। गोस्वामी तुलसीदास की यह चौपाई बताती है कि काशी में कोई मर जाए तो उसे परम पद हासिल हो जाएगा। देश के अलग-अलग हिस्सों से घर-बार छोड़कर भोले की नगरी में मरने आए एक-दो नहीं 70 लोगों की जिंदगी में दिलचस्प मोड़ आ गया है। प्राण निकलने में देरी क्या हुई, अब वो मरने के बजाए जिंदगी की जंग में कूद पड़े हैं। अस्सी मोहल्ले के मुमुक्षु भवन में जहां मौत का इंतजार होता था, वहां नागरिक सुुविधाओं के लिए आंदोलन की नई जमीन तैयार होने लगी है। मुक्ति की तलाश करने वालों ने धमकी दी है कि अगर उन्हें गरीबी रेखा के नीचे के लाल, सफेद कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन और मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किए गए तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
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मोक्ष लाभ के लिए विख्यात मुमुक्षु भवन में वर्षों से मौत की प्रतीक्षा जिंदगी की लड़ाई में तब्दील हो जाएगी, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। वहां रहने वाले वृद्ध, वृद्धाओं के कलेजे में परिजनों की उपेक्षा का दर्द कम, प्रशासन की ओर से की जा रही हितों की अनदेखी अधिक साल रही है। हालांकि वहां दान से आने वाले अनाज, कपड़े, फल और दक्षिणा से उनकी जिंदगी की गाड़ी मजे से चल जा रही है। लेकिन, वह चाहते हैं कि जब सरकार की ओर से योजनाएं लागू हैं तो उनका लाभ उन्हें क्यों नहीं मिल सकता। कंठी फेरकर दिन बिताने वाली शकुंतला (70) अपने पति रमेश कुमार दीक्षित के साथ मुक्ति के लिए यहां आई थीं। तीन साल पहले उनके पति को मोक्ष लाभ मिल गया। उनकी मानें तो संघर्ष के बाद उन्हें गरीबी रेखा के ऊपर का पीला कार्ड जारी हुआ। लेकिन, इस पर अनाज नहीं मिल पाता। लाल बिजौरा (सोनभद्र) से पत्नी राम पति देवी के साथ आए सेवानिवृत्त शिक्षक मनबोध तिवारी (79) ने तो बाकायदे नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर लड़ाई छेड़ दी है। सीतामढ़ी (बिहार) की सत्ती देवी (80), उनके पति महाकांत झा (100), इसी प्रदेश की शुभकला देवी (87), देवरिया की राम नगीना देवी (90), अलमोड़ा की पार्वती गिरि (98) को राशन के लिए गरीबी रेखा के नीचे वाले लाल और सफेद कार्ड की दरकार है। इन बुजुर्गों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें गरीबी रेखा के कार्ड जारी नहीं किए तो वह सड़कों पर जाम लगाने के साथ ही कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन भी करेंगे।
कोट
भगवान के भरोसे गाड़ी चल रही है। ऐसे में जरूरी है कि गरीबी रेखा के कार्ड के अलावा पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। भारत का नागरिक होने के नाते काशीवास करने वालों को मतदाता पहचान पत्र भी प्रशासन जारी करे- मनबोध तिवारी, मोक्ष लाभ को प्रतीक्षारत, मुमुक्षु भवन

कोट
मोक्ष लाभ के लिए आए लोग लाल कार्ड जारी कराने की मांग कर रहे हैं। ऐसे वृद्धों की सूची जल्द ही तैयार कर प्रशासन को सौंप दी जाएगी ताकि निर्णय लिया जा सके- मनीष पांडेय, उप प्रबंधक मुमुक्षु भवन
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