विज्ञापन

काशी विश्वनाथ मंदिर से हटेगा लाल रंग

Varanasi Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
वाराणसी। 12 साल बाद काशी विश्वनाथ मंदिर से लाल रंग हट जाएगा। इस एनामेल पेंट के चलते पत्थरों की श्वसन प्रणाली बंद हो गई थी। उनमें क्षरण होने लगा था। इससे पहले विशेषज्ञ संस्था ने रंग छुड़ाने के लिए एक करोड़ 22 लाख रुपये का इस्टीमेट पेश किया था। अब पारंपरिक कलाकारों की मदद से बहुत कम रकम खर्च करके इसे हटाने का प्रबंध हो गया है। मंदिर प्रबंधन ने लगभग डेढ़ वर्ग फीट क्षेत्र का पेंट हटवाकर इसकी परख कर ली है। सावन के बाद पूरे मंदिर से पेंट हटाने का काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्तमान काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण सन 1785 में चुनार के लाल पत्थरों से कराया गया था। चुनार के पत्थर सांस लेते हैं। लिहाजा उन पर पानी और नमक का असर नहीं होता। महाराजा रणजीत सिंह ने 1839 में मंदिर के शिखर को स्वर्ण जटित कराया था। वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सीपी तिवारी ने मंदिर पर एनामेल पेंट लगवा दिया। तब इस पर पांच लाख रुपये लागत आई थी। उसके बाद मंदिर के पत्थरों की श्वसन क्रिया बंद हो गई और उनमें क्षरण होने लगा था। इसके बावजूद वर्ष 2005 में दोबारा उस पर पेंट चढ़वा दिया गया। तब पूर्वमंत्री शतरुद्र प्रकाश ने इस मामले को उठाया। उन्होंने आरटीआई के जरिए इसका विवरण मांगा और राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। तत्कालीन राज्य सूचना आयुक्त ज्ञानेंद्र शर्मा ने इसकी जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। टीम ने एनामेल पेंट से मंदिर को नुकसान की बात स्वीकार की और उसे तत्काल हटवाने की संस्तुति की थी। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने लखनऊ की विशेषज्ञ संस्था नेशनल रिसर्च लेबोरेटरी फार कल्चरल प्रापर्टी (एनआरएलसी) से पेेंट हटाने का इस्टीमेट तैयार कराया। तब संस्था ने दो करोड़ 19 लाख रुपये लागत की बात कही थी। इसे न्यास ने खारिज कर दिया। कुछ और संस्थाओं से बात करने के बाद दोबारा एनआरएलसी से संपर्क किया तो उसने एक करोड़ 22 लाख रुपये का इस्टीमेट प्रस्तुत किया। न्यास परिषद की तीन नवंबर 2011 की बैठक में इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि इतनी रकम से दूसरा मंदिर बनाया जा सकता है। हाल ही में शतरुद्र प्रकाश ने प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य नवनीत सहगल से मुलाकात कर इस बाबत शिकायत की। प्रमुख सचिव ने नोयडा में संपर्क करके पारंपरिक शिल्पियों को खोज निकाला। राहुल नामक युवक के साथ दो शिल्पी पिछले दिनों यहां आए थे। उन्होंने केमिकल विस्फोट के जरिए दंडपाणि मंदिर के पास डेढ़ वर्ग फीट क्षेत्र का पेंट उतारा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि काम बेहतर हुआ है। सावन बाद पूरे मंदिर से पेंट उतरवा दिया जाएगा।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Varanasi

होली के बाद सड़क के चौराहे बने कूड़ेदान

होली के बाद सड़क के चौराहे बने कूड़ेदान

23 मार्च 2019

विज्ञापन

प्रियंका गांधी ने अपने गले से माला उतारकर शास्त्री जी की मूर्ति को पहनाई, देखिए वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रियंका गांधी अपने गले  से माला उतारकर शास्त्रीजी की प्रतिमा को पहनाती नजर आ रही है। देखिए ये वीडियो।

21 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree